थाइलैंड के होटल में मृत पाए गए छह लोगों की कॉफी में ‘साइनाइड’ के अंश मिले
एपी खारी मनीषा
- 17 Jul 2024, 01:32 PM
- Updated: 01:32 PM
बैंकॉक, 17 जुलाई (एपी) थाईलैंड पुलिस के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि बैंकॉक के एक लग्जरी होटल में मृत पाये गये छह लोगों की कॉफी में ‘साइनाइड’ के अंश मिले हैं।
‘साइनाइड’ बेहद जहरीला रसायन है जिसके सेवन के बाद बच पाना लगभग नामुमकिन है।
बैंकॉक के डाउनटाउन स्थित ‘ग्रैंड हयात इरावन’ होटल में मंगलवार को छह शव पाए गए थे। पुलिस ने बताया कि होटल के रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि कमरे में छह लोगों के अलावा कोई अन्य बाहरी व्यक्ति नहीं था।
उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर को जब उनके कमरे में भोजन पहुंचाया गया था तब आखिरी बार उन्हें जीवित देखा गया था।
थाईलैंड पुलिस के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल त्राइरोंग पिवपन ने बताया कि कमरे से कब्जे में लिये गये खाली कपों से पुलिस को ‘साइनाइड’ के अंश मिले हैं। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आने की उम्मीद है।
बैंकॉक के पुलिस प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल थिति सांगसवांग ने बताया कि मृतकों की पहचान दो वियतनामी-अमेरिकी के तौर पर और चार की वियतनाम के नागरिक के रूप में की गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों में तीन पुरुष और तीन महिलाएं हैं।
पीड़ितों के रिश्तेदारों से हासिल जानकारी का हवाला देते हुए बैंकॉक के उप पुलिस प्रमुख नोप्पसिन पुन्सावत ने बताया, ‘‘हो सकता है कि यह मामला धन से जुड़ा हो जिसे एक दंपति द्वारा इन छह में से किसी पर निवेश किया गया था। दंपति को लगता था कि उनके धन का सही इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।’’
नोप्पसिन ने बताया कि इस घटना को लेकर वियतनाम और अमेरिका के दूतावासों से संपर्क किया गया है तथा अमेरिका का ‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (एफबीआई) भी जांच में शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला व्यक्तिगत प्रतीत होता है और इससे पर्यटकों की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’’
त्राइरोंग ने कहा कि यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत नहीं होता, क्योंकि इनमें से कुछ ने अपनी यात्रा के लिए व्यापक योजना तैयार की थी। यहां तक कि, उन्होंने घूमने के लिए गाइड और चालक की सेवा भी ली थी।
उन्होंने बताया कि शव एक ही स्थान से बरामद नहीं किए गये, कुछ शयन कक्ष से तो कुछ अन्य जगह से बरामद किए गये। त्राइरोंग ने बताया कि इससे पता चलता है कि उन्होंने जानबूझकर जहर नहीं खाया।
एपी खारी