आईआईटी-खड़गपुर इंजीनियरिंग छात्रों के लिये सुगम इमारतें बनाने का पाठ्यक्रम शुरू करेगा
नेत्रपाल दिलीप
- 14 Jul 2024, 10:12 PM
- Updated: 10:12 PM
(उज्मी अतहर और गुंजन शर्मा)
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) आईआईटी-खड़गपुर में सिविल इंजीनियरिंग के छात्र जल्द ही सुगम इमारतें बनाने पर अध्ययन कर सकेंगे। केंद्र के दिव्यांगता मामलों के विभाग ने एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रमुख संस्थान के साथ साझेदारी की है।
अपनी तरह का पहला पाठ्यक्रम फिलहाल वैकल्पिक होगा और यह 2024-25 शैक्षणिक सत्र से छठे और सातवें सेमेस्टर के छात्रों के लिए पेश किया जाएगा। केंद्र की योजना अन्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) सहित 27 संस्थानों में यह पाठ्यक्रम शुरू करने की है।
दिव्यांगता मामलों के सचिव राजेश अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उद्देश्य शिक्षा में पहुंच को शीघ्र एकीकृत करना है, ताकि छात्र इसे भवन डिजाइन में शामिल कर सकें। वर्तमान में, शिक्षा प्रणाली में ऐसा कोई पाठ्यक्रम नहीं है।’’
पाठ्यक्रम को विस्तारित करने की योजना के बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिव्यांगता मामलों का विभाग इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए वास्तुकला परिषद के साथ बातचीत कर रहा है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘समग्र योजना धीरे-धीरे देश भर के 27 संस्थानों में पाठ्यक्रम शुरू करने की है। सितंबर से, यह तीन साल के लिए आईआईटी-खड़गपुर में वैकल्पिक के रूप में उपलब्ध होगा, जिसके बाद यह एक अनिवार्य विषय बन सकता है।’’
आईआईटी-खड़गपुर ने पूर्व में ‘सुरक्षित और समावेशी भारतीय शहरों के निर्माण’ (बीएएसआईआईसी) के लिए राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान (एनआईयूए) के साथ साझेदारी की थी।
इस संबंध में आईआईटी-खड़गपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सुगम इमारतों के निर्माण के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है और यह महत्वपूर्ण है कि हमारे भविष्य के बुनियादी ढांचे के निर्माताओं के पास इसके बारे में पेशेवर प्रशिक्षण हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने छात्रों को हरित इमारतों के पहलू सिखा रहे हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि सुगम इमारतों का निर्माण औपचारिक रूप से हमारे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। पाठ्यक्रम को अभी वैकल्पिक के रूप में पेश किया जाएगा।’’
यह पहल सरकार के सुगम्य भारत 2.0 अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करना है।
सुगम्य भारत अभियान के तहत सरकार देशभर में अपनी इमारतों को दिव्यांग लोगों के लिए सुगम बनाने की दिशा में काम कर रही है।
भाषा नेत्रपाल