भारत टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के बेहद करीब : नड्डा
पवनेश
- 08 Oct 2026, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 'ज्वॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ' (जोश) टीम की शुरुआत करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत तपेदिक (टीबी) को खत्म करने का लक्ष्य हासिल करने के ''बेहद करीब'' है।
उन्होंने कहा कि 'जोश' टीम टीबी के खिलाफ लड़ाई में जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने के लिए 58,000 से अधिक युवा स्वयंसेवकों को एक साथ लाएंगी।
नड्डा ने रेखांकित किया कि वैश्विक स्तर पर टीबी के मामलों में 12 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में भारत में टीबी के मामलों में 21 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि देश में इलाज का दायरा वैश्विक स्तर के 78 प्रतिशत के मुकाबले 92 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
इसके साथ ही उन्होंने टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए एक ''आखिरी धक्का'' लगाने का आह्वान किया।
नड्डा ने यहां भारत मंडपम में इस पहल की राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत के अवसर पर कहा, ''आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है, जिस दिन हम 'जोश' टीम की शुरुआत कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''हम लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। अब हमें बस एक आखिरी धक्का लगाने की जरूरत है।''
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने कार्यशालाओं और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से सांसदों, विधायकों, महापौर और पार्षदों को टीबी उन्मूलन अभियान में शामिल किया है, लेकिन स्वयंसेवकों तथा जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की भागीदारी के बिना यह प्रयास सफल नहीं हो सकता।
नड्डा ने कहा कि 'जोश' पहल को युवा एवं खेल मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया तथा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ चर्चा के बाद विकसित किया गया है, जिसमें खेल और रक्षा मंत्रालयों की भी सक्रिय भागीदारी है।
'जोश' टीम 'माय भारत' के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को एक साथ लाएंगी, जो जमीनी स्तर पर काम करेंगे तथा टीबी उन्मूलन अभियान में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करेंगे।
नड्डा ने सरकार, समुदायों और नागरिकों से मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा, ''हम इस अभियान को किन्हीं सीमाओं में बांधकर नहीं रखना चाहते। हम उन सीमाओं को तोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं।''
उन्होंने कहा कि 67,933 ग्राम पंचायतों को पहले ही टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है, जिसका श्रेय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और समुदाय के सदस्यों को जाता है।
इस दौरान, मांडविया ने कहा कि टीबी को कभी एक बड़ा सामाजिक कलंक माना जाता था, लेकिन इलाज में हुई प्रगति ने इसे एक ठीक होने योग्य बीमारी बना दिया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने स्वास्थ्य को विकास से जोड़ा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी का मॉडल अपनाया है।
मांडविया ने कहा कि सरकार, युवाओं और समुदायों की सामूहिक कोशिश से भारत 2030 के वैश्विक लक्ष्य से पहले ही टीबी को खत्म कर सकता है।
वहीं, रक्षा राज्य मंत्री सेठ ने कहा कि जोश पहल टीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई को एक जन-आंदोलन में बदल देगी, जिसमें 30,959 'माय भारत' स्वयंसेवी और 27,147 एनसीसी कैडेट, यानी कुल मिलाकर 58,000 से अधिक युवा इस अभियान में हिस्सा लेंगे।
जोश टीमों की राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत का स्वागत करते हुए, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित और समृद्ध भारत के लिए स्वस्थ आबादी जरूरी है।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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