केएसयू ने विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर आ रही समस्या के खिलाफ निकाला मार्च, पुलिस का लाठीचार्ज
धीरज सुरेश
- 09 Jul 2024, 06:55 PM
- Updated: 06:55 PM
(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, नौ जुलाई (भाषा) केरल कांग्रेस की छात्र इकाई ‘केएसयू’ ने, खासतौर पर उत्तर मालाबार इलाके में, ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए सीट की कथित कमी के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार ग्यारहवीं कक्षा के हजारों विद्यार्थियों की समस्या को नजरअंदाज कर रही है।
सतीशन ने सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का मुद्दा भी उठाया, जो कथित तौर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय परिसरों में अपने प्रतिद्वंद्वी संगठनों के सदस्यों पर हमले में संलिप्त है।
केरल स्टुडेंट्स यूनियन (केएसयू) के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा तक मार्च निकाला और पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ वाम सरकार और राज्य के सामान्य शिक्षामंत्री वी. सिवनकुट्टी के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं, लेकिन केएसयू के कार्यकर्ता वहीं डटे रहे और पुलिस पर डंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी।
पुलिसकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों के भिड़ने के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया।
खबरों के मुताबिक केएसयू के राज्य प्रमुख अलोशियस जेवियर लाठीचार्ज में घायल हुए हैं और उन्हें पुलिस के वाहन में अस्पताल ले जाया गया है।
लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागते नजर आए और उनके पीछे-पीछे पुलिसकर्मी दौड़ते दिखे।
राज्य की वाम सरकार उत्तर केरल के विद्यालयों में 11वीं कक्षा की सीट कथित तौर पर कम होने को लेकर आलोचना का सामना कर रही है। विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि राज्य प्रशासन इस मुद्दे का समाधान करने में विफल रहा है।
विपक्षी छात्र संगठन मुख्य रूप से केएसयू और मुस्लिम स्टुडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) कुछ समय से इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दूसरी ओर केरल सरकार का दावा है कि 11वीं कक्षा में सीट की कोई कमी नहीं है। मंत्री सिवनकुट्टी ने दावा किया कि इलाके में हर साल प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद हजारों सीट खाली रह जाती हैं।
हालिया कदम के तहत 25 जून को राज्य सरकार ने मालप्पुरम के विद्यालयों में 11वीं कक्षा में एक अतिरिक्त बैच शुरू किया ताकि जिले में सीट की कमी की समस्या का समाधान किया जा सके।
भाषा धीरज