गुजरात के साबरकांठा में बच्चे की चांदीपुरा वायरस के संक्रमण से मौत
रंजन
- 09 Jul 2026, 06:07 PM
- Updated: 06:07 PM
साबरकांठा (गुजरात), नौ जुलाई (भाषा) राजस्थान के छह वर्षीय एक बालक की गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) संक्रमण से मौत हो गई। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ. विपुल जानी ने बताया कि 26 जून से नौ जुलाई के बीच चांदीपुरा वायरस के संदिग्ध संक्रमण वाले दो से 11 वर्ष की आयु के सात बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने कहा, ''जिस बालक की मौत हुई, उसकी जांच रिपोर्ट छह जुलाई को प्राप्त हुई थी और उसमें चांदीपुरा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। एक अन्य बच्चे जिसकी कल मौत हुई थी, उसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जबकि तीसरे मृत बच्चे की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी।''
चांदीपुरा वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले बालक की पहचान राजस्थान के उदयपुर निवासी छह वर्षीय राजकुमार डामोर के रूप में हुई।
डॉ. जानी ने बताया कि चांदीपुरा वायरस संक्रमण के संदेह में राजस्थान की दो वर्षीय एक बच्ची और साबरकांठा की तीन वर्षीय एक बच्ची का उपचार जारी है तथा उनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने बताया कि तीन वर्षीय एक बालक की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि तीन वर्षीय एक बच्ची के माता-पिता उसकी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही चिकित्सकों की अनुमति के बिना उसे अस्पताल से लेकर चले गए थे।
डॉ. जानी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती बच्चे राजस्थान तथा गुजरात के बनासकांठा, पंचमहल और साबरकांठा जिलों के निवासी हैं।
उन्होंने कहा, ''चांदीपुरा वायरस संक्रमण के मरीजों के उपचार के लिए भूतल पर एक समर्पित वार्ड बनाया गया है।''
उन्होंने बताया कि चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) रैब्डोविरिडी समूह का वायरस है, जो विशेष रूप से मानसून के दौरान भारत के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के छिटपुट मामलों और प्रकोप का कारण बनता है।
उन्होंने बताया कि इस संक्रमण में मृत्यु दर 56 से 75 प्रतिशत तक होती है और इसके लिए फिलहाल कोई विशिष्ट उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में आंध्र प्रदेश में एईएस का बड़ा प्रकोप सामने आया था, जिसमें 329 संदिग्ध मामले और 183 मौतें दर्ज की गई थीं। उन्होंने बताया कि एक अध्ययन में इस प्रकोप का कारण चांदीपुरा वायरस को बताया गया था।
भाषा अमित रंजन
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