जमात-ए-इस्लामी हिंद ने अल्पसंख्यकों पर हमले को लेकर कहा- केंद्र सरकार राजधर्म निभाए
नोमान नोमान माधव
- 06 Jul 2024, 08:06 PM
- Updated: 08:06 PM
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद ने लोकसभा चुनाव के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कथित रूप से बढ़ती हिंसा की शनिवार को निंदा करते हुए इस पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की और कहा कि “सरकार को अपना राजधर्म निभाना चाहिए।”
जमात ने एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को सत्ता में आये लगभग एक महीना हो गया है और “ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मूल जिम्मेदारी से अनजान है।”
बयान के मुताबिक, जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने दावा किया कि केंद्र में राजग सरकार बनने के बाद से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों को “बेहद शर्मनाक और अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उनके साथ यह सोचकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाना कि मुसलमानों ने भाजपा को वोट नहीं दिया है, अलोकतांत्रिक और अमानवीय है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि संसदीय चुनाव के नतीजे आते ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव, भीड़ हिंसा और तोड़फोड़ की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं जिनपर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए।
सलीम इंजीनियर ने कहा, “ सरकार को अपना राजधर्म निभाना चाहिए।”
बयान में ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर)’ में किए गए दावों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि लोकसभा चुनावों के बाद मुस्लिम समुदाय को “अन्यायपूर्ण और शर्मनाक तरीके से निशाना बनाया गया है।”
बयान में कहा गया है, “हम भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023 की उस धारा के सख्ती से लागू करने की मांग करते हैं, जिसमें भीड़ द्वारा हत्या के लिए आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक की कठोर सजा का प्रावधान है ताकि इस तरह के बर्बर कृत्यों पर रोक लगाई जा सके।”
इसमें कहा गया है कि जमात भीड़ द्वारा हत्या किए जाने और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत की घटनाओं पर गृह मंत्री से एक व्यापक बयान की मांग करती है।
बयान के मुताबिक, संगठन को आशा है कि विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसद अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित हिंसा और नफरत के मुद्दों को दृढ़ता से उठाएंगे।
संगठन ने बयान में सात जून को छत्तीसगढ़ के रायपुर में भीड़ के हमले में तीन युवकों की मौत तथा 18 जून को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में फरीद नामक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसक घटनाओं का जिक्र है।
भाषा नोमान नोमान