यूडीएफ ने केरल के पुलिस अधिकारियों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर वाम सरकार पर हमला बोला
संतोष नरेश
- 01 Jul 2024, 04:47 PM
- Updated: 04:47 PM
तिरुवनंतपुरम, एक जुलाई (भाषा) केरल के पुलिस अधिकारियों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य की वाम सरकार पर हमला बोला और विधानसभा अध्यक्ष के इस मामले पर चर्चा करने की अनुमति नहीं देने पर सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस विधायक पीसी विष्णुनाथ ने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया और कहा कि कर्मचारियों की कमी, व्यस्त कार्यक्रम और लंबे समय तक काम करना अधिकारियों के बीच आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि के कारणों में से एक है।
विष्णुनाथ ने दावा किया कि पिछले पांच साल में 88 अधिकारियों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा, ‘‘समान अवधि में 148 अधिकारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) को अपनाया और बल में अत्यधिक काम और दबाव के कारण अन्य नौकरियों का विकल्प चुना है।’’
कांग्रेस विधायक ने आगे दावा किया कि पुलिस बल में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है, जिससे अन्य मुद्दों के अलावा संघर्ष और अवसाद की भी स्थिति उत्पन्न हुई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में कम से कम 114 अधिकारियों की जरूरत है लेकिन केवल 44 ही उपलब्ध हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने माना कि पुलिस बल में कर्मचारियों की कमी एक मुद्₨दा रहा है।
विजयन ने कहा, ‘‘ अधिक समय तक काम करना नौकरी का हिस्सा है। लेकिन हम काम के अधिक घंटों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
विजयन ने कहा, ‘‘राज्यभर के 52 पुलिस थानों में हमने आठ घंटे काम लेना का कार्यक्रम लागू किया है। हम इसे अन्य पुलिस थानों में भी लागू करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, काम के अधिक घंटे भी काम की प्रकृति के कारण हैं।’’
मुख्यमंत्री ने इस आरोप से भी इनकार किया कि पुलिस बल में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप है।
हालांकि, विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने राज्य में 88 पुलिस अधिकारियों की आत्महत्या पर दुख व्यक्त किया और मुख्यमंत्री से कहा कि वह इस अहम मुद्दे को नजरअंदाज न करें।
सतीशन ने एक घटना का उल्लेख किया जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपने कनिष्ठ अधिकारी पर चीखते हुए सुना गया। सतीशन ने कहा, ‘‘कनिष्ठ अधिकारी अपनी झुंझलाहट पुलिस थाने आने वाले आम लोगों पर निकालते हैं।’’
इसके खिलाफ विरोध करते हुए यूडीएफ ने सदन से बहिर्गमन किया।
भाषा संतोष