एमवीए को महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री घोषित करने के बजाये सत्ता हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए: जयंत पाटिल
जितेंद्र प्रशांत
- 26 Jun 2024, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
छत्रपति संभाजीनगर, 26 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की राज्य इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने बुधवार को कहा कि महाविकास अघाडी (एमवीए) के घटक दलों को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान करने के बजाये राज्य की सत्ता में लौटने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि एमवीए के किसी भी सहयोगी दल को (एकतरफा) यह घोषणा नहीं करनी चाहिए कि वह कितनी सीट पर चुनाव लड़ रहा है क्योंकि आगामी चुनावों में जीतने की क्षमता ही एकमात्र मानदंड होगी।
एमवीए में राकांपा-शरदचंद्र पवार, शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी) और कांग्रेस शामिल हैं। एमवीए नवंबर 2019 में राज्य की सत्ता में था हालांकि एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बगावत के बाद शिवसेना विभाजित हो गयी और जून 2022 में सरकार गिर गयी।
एमवीए के तीन सहयोगियों में से राकांपा-शरदचंद्र पवार ने लोकसभा चुनाव में 10 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से आठ पर पार्टी ने जीत हासिल की थी।
पाटिल पार्टी से संबंधित कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेने के लिए शहर में मौजूद थे।
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा, ''महाविकास अघाडी के घटक दलों को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने के बजाये सत्ता में वापसी को प्राथमिकता देनी चाहिए। गठबंधन के सदस्यों के बीच अंतर को रोकने के लिए कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होनी चाहिए।''
उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए में सीट बंटवारे के मुद्दे पर कहा कि सहयोगी दलों ने 25 जून को बैठक की योजना बनाई थी लेकिन उस दिन कांग्रेस की भी बैठक थी इसलिए नयी तारीख तय की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''घटक दल कितनी सीट पर चुनाव लड़ने वाले हैं, इसपर (एकतरफा) फैसला करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आगामी चुनावों में उम्मीदवारों के लिए जीत की संभावना ही मापदंड होगी और हम ऐसे उम्मीदवारों का ही समर्थन करेंगे।''
इस वर्ष लोकसभा चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना-यूबीटी ने राज्य की कुल 48 सीट में से 21 पर उम्मीदवारों की घोषणा की थी हालांकि इस फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया था और कहा था कि एमवीए के हर घटक दल को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए।
कांग्रेस ने आखिरकार 17 सीट पर चुनाव लड़ा था।
भाषा जितेंद्र