सेना में अहीर रेजिमेंट गठित करने की राज्यसभा में उठी मांग
सुभाष
- 13 Mar 2026, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस के एक सदस्य ने देश की रक्षा में अहीर समुदाय के लोगों के योगदान को रेखांकित करते हुए सेना में इस समुदाय के नाम पर एक रेजिमेंट गठित करने की मांग की।
कांग्रेस सदस्य अनिल कुमार यादव मंदादी ने सदन में विशेष उल्लेख के जरिए यह मांग की। उन्होंने कहा कि जब भी देश ने खतरे का सामना किया, वीर पुरुषों और महिलाओं ने राष्ट्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि अहीर समुदाय ऐसा ही एक समुदाय है जिसने आवश्यकता पड़ने पर वीरता के साथ लड़ाइयां लड़ीं।
उन्होंने नादिरशाह और तैमूर के आक्रमणों, अंग्रेजों के खिलाफ 1857 का विद्रोह, स्वतंत्रता संग्राम, भारत-चीन युद्ध, कारगिल युद्ध आदि का जिक्र किया और कहा कि मातृभूमि की रक्षा और आक्रांताओ के विरुद्ध संघर्षों में अहीरों के योगदान का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि भारतीय थल सेना में अहीर समुदाय के लोगों की अच्छी खासी संख्या है। जाट रेजिमेंट, गोरखा राइफल्स, सिख रेजिमेंट, डोगरा रेजिमेंट आदि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में सेना में 18 रेजिमेंट हैं जिनमें कई के नाम विभिन्न समुदायों के नाम पर हैं।
उन्होंने कहा कि सेना में योगदान और राष्ट्र के प्रति सेवाओं को देखते हुए (अहीर) समुदाय अहीर रेजिमेंट गठित करने का अनुरोध करता रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को समुदाय के योगदान पर गौर करते हुए अहीर रेजिमेंट का गठन करना चाहिए।
विशेष उल्लेख के जरिए ही कांग्रेस सदस्य जेबी माथेर हीशम ने केरल के मछुआरों का मुद्दा उठाया और कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि होने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने मछुआरों को सब्सिडी के साथ केरोसिन और रसोई गैस मुहैया कराने की सरकार से मांग की।
उन्होंने सौर ऊर्जा से संचालित नौकाओं को बढ़ावा देने की भी मांग की और कहा कि ऐसा करने से समुदाय की आमदनी बढ़ेगी और रखरखाव का खर्च भी कम होगा।
हीशम ने कहा कि यह आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र से केरल के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
भाषा अविनाश सुभाष
सुभाष
1303 2003 संसद