एलपीजी आपूर्ति संकट : पुडुचेरी में होटल उद्योग पर खतरा
शोभना
- 11 Mar 2026, 03:10 PM
- Updated: 03:10 PM
पुडुचेरी, 11 मार्च (भाषा) वाणिज्यिक एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण पुडुचेरी में होटलों के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है क्योंकि इस पर्यटन केंद्र में वैकल्पिक कदम हालात से निपटने में मददगार नहीं हो सकते। उद्योग से जुड़े लोगों ने बुधवार को यह कहा।
पुडुचेरी में 'होटल्स एसोसिएशन' के एक प्रवक्ता ने 'पीटीआई- भाषा' से कहा कि अब ''असहाय स्थिति'' हो गई है और होटल संचालकों ने कई सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकतर होटल ने या तो लकड़ी जलाकर खाना बनाना शुरू कर दिया है या हालात संभालने के लिए कामकाज के घंटे कम कर दिए हैं और कुछ होटल इलेक्ट्रिक कुकर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि खाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी की कीमत तीन गुना बढ़कर सामान्य 300 रुपये से 1,000 रुपये प्रति 'कुंडू' (माप इकाई) हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस लकड़ी का इस्तेमाल केवल दक्षिण भारतीय भोजन पकाने में किया जा सकता है, चीनी व्यंजन पकाने में नहीं।
प्रवक्ता ने कहा कि होटल प्रतिष्ठान ''विषम स्थिति'' में हैं और यदि मौजूदा संकट एक दिन भी जारी रहा तो उनके पास होटल बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
कुछ भोजनालय मालिकों ने बताया कि पुडुचेरी में सड़क किनारे बने कई रेस्तरां बंद रहे, जबकि कुछ स्थानों पर भोजनालयों ने व्यंजनों की सूची सीमित कर दी है।
इस बीच, एसोसिएशन के सूत्रों ने बताया कि 'होटल्स एसोसिएशन' के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य सचिव से मुलाकात कर होटल संचालकों की दिक्कतें उनके समक्ष रखीं और समाधान के लिए सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि केंद्र के निर्देश के अनुसार घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि घरों में किसी तरह का संकट न पैदा हो।
आधिकारिक सूत्रों ने 'भाषा' से कहा कि हालांकि आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के प्रावधान लागू करने की फिलहाल तत्काल जरूरत नहीं है, लेकिन ''हम स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और अब तक जमाखोरी या मुनाफाखोरी की कोई शिकायत नहीं मिली है।''
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना
1103 1510 पुडुचेरी