डब्ल्यूटीओ में भारत की आठवीं व्यापार नीति समीक्षा जुलाई में होगी
अजय
- 26 Feb 2026, 03:24 PM
- Updated: 03:24 PM
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत की आठवीं व्यापार नीति समीक्षा इस साल जुलाई में होगी। इस दौरान सदस्य देशों की तरफ से भारत की व्यापार नीतियों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि व्यापार नीतियों की इस समीक्षा से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने डब्ल्यूटीओ में भारत के डिजिटल कस्टम सुधारों और व्यापार सुगमता समझौते (टीएफए) के क्रियान्वयन को प्रस्तुत किया।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य (सीमा शुल्क) सुरजीत भुजबल ने किया।
इसके पहले, भारत की सातवीं व्यापार नीति समीक्षा जनवरी, 2021 में जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ में की गई थी।
सीबीआईसी और भारत के स्थायी मिशन ने 24 फरवरी को डब्ल्यूटीओ में विशेष व्यापार सुगमता सत्र आयोजित किए थे। इन सत्रों में करीब 40 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे भारत के अनुभव और बेहतर व्यवहार में व्यापक रुचि दिखाई दी।
मंत्रालय ने कहा कि भारत ने डब्ल्यूटीओ के व्यापार सुगमता समझौते के तहत अपनी 100 प्रतिशत प्रतिबद्धताओं को तय समयसीमा के भीतर अधिसूचित कर दिया है। इसके बाद अब देश 'टीएफए प्लस' उपायों की ओर बढ़ रहा है, जो राष्ट्रीय व्यापार सुगमता कार्ययोजना (एनटीएफएपी 3.0) के तहत न्यूनतम मानकों से आगे जाकर वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप सुधारों पर केंद्रित हैं।
व्यापार सुगमता पर आयोजित सत्र के दौरान भारतीय सीमा शुल्क विभाग ने 'सम्पूर्ण-सरकार दृष्टिकोण' पर जोर देते हुए चेहरा-रहित, संपर्क-रहित और कागज-रहित सीमा-शुल्क व्यवस्था बनाने के प्रयासों को रेखांकित किया। व्यापक डिजिटलीकरण और प्रक्रियाओं में सुधार से सीमापार व्यापार को सरल बनाने में मदद मिली है।
भुजबल ने कहा कि पिछले एक दशक में सीमा-शुल्क प्रक्रिया के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण से व्यापार वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में भारत के एकीकरण को मजबूती मिली है।
डिजिटल कस्टम प्रणाली के माध्यम से व्यापारी, बैंक, लॉजिस्टिक कंपनियां और सीमा-शुल्क प्राधिकरण आपस में जुड़े हैं, जिससे दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया संभव हुई है, लेनदेन लागत घटी है और माल की निकासी के समय में कमी आई है।
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