देहरादून में ई-बीआरटी प्रणाली को सैद्धांतिक सहमति, हरिद्वार में रोपवे परियोजना को हरी झंडी
दीप्ति रवि कांत
- 22 Jan 2026, 11:38 PM
- Updated: 11:38 PM
देहरादून, 22 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण–अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए देहरादून में ई-बीआरटी (इलेक्ट्रिक-बस रैपिड ट्रांजिट) प्रणाली को सैद्धांतिक सहमति तथा हरिद्वार में हर की पौड़ी के लिए इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को हरी झंडी दे दी गयी है।
प्रदेश के आवास सचिव डॉ.आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूकेएमआरसी) द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं की यहां हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान दी गयी।
यूकेएमआरसी के प्रबंध निदेशक ब्रजेश कुमार मिश्रा ने एक प्रस्तुतिकरण के जरिए बताया कि यूकेएमआरसी बोर्ड ने देहरादून शहर में दो प्रमुख गलियारों पर ई-बीआरटी परियोजना लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक अध्ययन कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा अध्ययन पूरा होने के पश्चात परियोजना प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
मिश्रा ने बताया कि यूकेएमआरसी बोर्ड ने हरिद्वार में हर की पौड़ी के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है तथा शीघ्र ही इस संबंध में प्रस्ताव सक्षम प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा।
त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के संबंध में मिश्रा ने बताया कि परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमोदन मिल चुका है। उन्होंने बताया कि वन मंजूरी चरण एक की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
इसके अलावा, बैठक में नैनीताल, कैंची धाम और मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई जिनके बारे में बताया गया कि यूकेएमआरसी द्वारा इन स्थलों के लिए संभाव्यता अध्ययन कराया जा रहा है।
बैठक में देहरादून में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट सिस्टम विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
आवास सचिव कुमार ने इन सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए ताकि जल्द से जल्द आम नागरिकों और पर्यटकों को तेज, सुरक्षित, किफायती एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
भाषा
दीप्ति रवि कांत
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