जम्मू कश्मीर पुलिस ने कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न से संबंधित राजनीतिक दलों के आरोप को खारिज किया
अमित दिलीप
- 12 May 2024, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
श्रीनगर, 12 मई (भाषा) जम्मू कश्मीर में पुलिस ने राजनीतिक दलों द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के लगाए गए आरोपों को रविवार को "निराधार" बताकर खारिज कर दिया।
पुलिस ने यहां एक बयान में कहा, "राजनीतिक दलों के बयान और अटकलें निराधार हैं कि पुलिस अन्य के इशारे पर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग तरीकों से परेशान कर रही है। जम्मू कश्मीर पुलिस सुरक्षा से संबंधित कानून और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के वास्ते आदर्श आचार संहिता से संबंधित दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपने कार्यकर्ताओं के कथित उत्पीड़न और अवैध गिरफ्तारी रोकने के लिए निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की रविवार को मांग की।
श्रीनगर लोकसभा सीट से पीडीपी उम्मीदवार वहीद पारा ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर उन क्षेत्रों में कम मतदान के प्रयास का आरोप लगाया है, जहां पार्टी का मजबूत समर्थन आधार है।
पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कोई भी कार्रवाई पार्टी से संबद्धता की परवाह किए बिना और चुनाव नियमों के उल्लंघन से संबंधित होती है। उसने कहा, "नकद, नशीले पदार्थ, शराब की जब्ती और आतंकवाद एवं अलगाववाद से जुड़ी पृष्ठभूमि वाले उपद्रवियों और संभावित अपराधियों के खिलाफ प्रतिरोधक कार्रवाई संबंधित पार्टी से संबद्धता की परवाह किए बिना की गई है।"
उसने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर पुलिस और उसका नेतृत्व उम्मीदवारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं, उनके रहने के स्थानों, राजनीतिक रैलियों, रोडशो की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे कोई किसी भी पार्टी का हो।’’
पुलिस ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों की आलोचना को हमेशा एक पेशेवर खतरे के रूप में स्वीकार किया गया है। उसने कहा, ‘‘हालांकि, जब व्यक्तिगत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुमान के आधार पर बयान दिये जाते और उन्हें सार्वजनिक किया जाता है, तो वह उक्त व्यक्ति को सुरक्षा खतरों के प्रति संवेदनशील बनाता है, जैसा कि अतीत में देखा गया है। फिर भी, हम कानून के निष्पक्ष प्रवर्तन के लिए अपने समर्पण और प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।"
श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए मतदान सोमवार को होगा।
भाषा अमित