कर्नाटक के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री भाइयों की तरह कर रहे हैं काम: पायलट
राजकुमार माधव
- 22 Dec 2025, 06:47 PM
- Updated: 06:47 PM
(तस्वीरों के साथ)
बेंगलुरु, 22 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस की कर्नाटक इकाई में सत्ता संघर्ष को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए पार्टी महासचिव सचिन पायलट ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार भाइयों की तरह काम कर रहे हैं तथा इस मामले पर कांग्रेस आलाकमान जो भी निर्णय लेगा वह सभी को स्वीकार्य होगा।
पायलट ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (शिवकुमार) ने मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) को अपना बड़ा भाई कहा है और मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह (शिवकुमार) मेरे छोटे भाई हैं, तो फिर मामला सुलझ गया।’’ इस दौरान पार्टी महासचिव के साथ शिवकुमार भी मौजूद थे।
पायलट ने सत्ता संघर्ष को समाप्त करने के लिए कांग्रेस आलाकमान की ओर से दिखाई जा रही अनिच्छा के संबंध में सवाल पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैं आपको बता दूं कि कर्नाटक सरकार ने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया है। चुनाव से पहले एक पार्टी के रूप में हमने जो भी वादे किए थे, हम उन सभी को पूरा कर रहे हैं। हम दृढ़ता से काम कर रहे हैं और मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि 2028 में कांग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ वापस आएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी जो भी निर्णय लेती है, वह राज्य के प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता को स्वीकार्य होता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से काम कर रहे हैं कि हम अपने वादों को पूरा करें और 2028 में राज्य में दोबारा जीत हासिल करें।’’
जब पायलट से कहा गया कि कर्नाटक में नेतृत्व के मुद्दे को आलाकमान हल नहीं कर रहा है तथा राजस्थान में भी उनके और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच ऐसा ही सत्ता संघर्ष था, तो उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी का नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, हर कोई उसका पालन करेगा। हम साथ मिलकर काम करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताइए कि पार्टी के किस नेता ने, चाहे वह मुख्यमंत्री हों या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हों, कहा है कि वह पार्टी आलाकमान के फैसले को नहीं मानेंगे। जब सब कुछ कांग्रेस आलाकमान पर छोड़ दिया गया है, तो पार्टी को जो भी फैसला करना है, वह करेगी। हमारा सामूहिक उद्देश्य कर्नाटक सहित पूरे देश में कांग्रेस को मजबूत करना है।’’
भाषा
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