पाक राष्ट्रपति जरदारी को भ्रष्टाचार के दो मामलों में छूट मिली
प्रशांत माधव
- 11 May 2024, 08:55 PM
- Updated: 08:55 PM
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 11 मई (भाषा) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को शनिवार को कथित भ्रष्टाचार के दो मामलों में राष्ट्र प्रमुख के रूप में अभियोजन से छूट मिल गई।
राष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी निगरानी संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा उनके खिलाफ पार्क लेन और तोशाखाना मामले दर्ज किए गए थे। इस्लामाबाद स्थित जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश नासिर जावेद राणा मामलों की सुनवाई कर रहे थे।
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार 68 वर्षीय जरदारी ने दो मामलों में छूट अनुरोध किया था। न्यायाधीश ने राष्ट्रपति की याचिका पर एक लिखित निर्णय जारी किया और उनके खिलाफ सभी कार्यवाही रोक दी।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष जरदारी को मार्च में पांच साल के लिए पाकिस्तान के 14वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था।
न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 248 (2) के तहत छूट की मांग की, जिसके बाद याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता या कार्रवाई नहीं की जा सकती।
लिखित आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने राष्ट्रपति की याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई, इसलिए इसे मंजूरी दे दी गई और पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में जरदारी के कार्यकाल के अंत तक मामले की कार्यवाही रोक दी गई।
पार्क लेन मामले में जरदारी पर 2008 से 2013 तक अपने पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति के रूप में संबंधित अधिकारियों को प्रभावित करने और कथित तौर पर अपनी प्रमुख कंपनियों के लिए ऋण प्राप्त करने और कथित तौर पर देश को 3.77 अरब रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
तोशाखाना मामला जरदारी द्वारा सरकारी खजाने से वाहन खरीदने के बारे में था, जहां अन्य देशों द्वारा पाकिस्तानी नेताओं को उपहार में दी गई सभी महंगी वस्तुएं जमा की जाती हैं। हालांकि, जिन नेताओं को वे उपहार दिए जाते हैं, वे कुछ शर्तों के तहत तोशाखाना से उसे खरीद सकते हैं।
यह आरोप लगाया गया था कि जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के यूसुफ रजा गिलानी की सरकार ने उनके लाभ के लिए वाहन खरीदने के नियमों में ढील दी थी, जरदारी ने इस आरोप से इनकार किया था।
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