संदेशखालि से जुड़ी घटनाओं की हकीकत से राष्ट्रपति को अवगत कराने की जरूरत: टीएमसी
संतोष नेत्रपाल
- 11 May 2024, 05:47 PM
- Updated: 05:47 PM
कोलकाता, 11 मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शनिवार को कहा कि पार्टी के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह संदेशखालि की उन घटनाओं की सच्चाई से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अवगत कराए जिनके चलते सत्तारूढ़ पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया।
पश्चिम बंगाल की मंत्री एवं टीएमसी नेता शशि ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि भाजपा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि से एक टीम ले गई और देश की राष्ट्रपति के समक्ष ‘‘झूठी तस्वीर’’ पेश की।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमारी ओर से संदेशखालि से एक टीम ले जाने जाने की जरूरत है ताकि राष्ट्रपति को अवगत कराया जा सके कि जमीनी स्तर पर असल में क्या हुआ था। हम इसके लिए अपने शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मांगेंगे।’’
शशि ने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाली भाजपा की टीम ने उन्हें गुमराह किया है और भाजपा के लोग बार-बार झूठ का सहारा ले रहे हैं।
भाजपा ने संदेशखालि के स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया था कि उन्होंने क्षेत्र में महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसका खंडन किया था। इसके उलट टीएमसी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने ‘‘झूठे आरोप लगाने’’ के लिए संदेशखालि की महिलाओं को पैसे दिए थे।
हाल ही में सामने आए एक वीडियो में स्थानीय भाजपा नेता गंगाधर कोयल कथित तौर पर यह कहते दिखते हैं कि भाजपा ने यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाने के लिए संदेशखालि की महिलाओं को पैसे दिए थे। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ की ओर से इस वीडियो का सत्यापन नहीं किया जा सका।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष भी ‘संदेशखालि’ में भाजपा की साजिश में शामिल थीं और तृणमूल कांग्रेस उनके खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराएगी।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाए जाने के आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि पुलिस पूछताछ कर सकती है लेकिन उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू नहीं कर सकती क्योंकि उन्हें संविधान के तहत छूट प्राप्त है।
तृणमूल कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और पश्चिम बंगाल के कोयला माफिया के बीच सांठगांठ है।
भाषा संतोष