ईडी ने जालसाजी मामले में पूर्व एनएसजी कमांडो के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
यासिर पवनेश
- 20 Nov 2025, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के पूर्व अधिकारी प्रवीण यादव के खिलाफ मानेसर स्थित 'ब्लैक कैट्स' कमांडो की छावनी में सिविल कार्यों के लिए जारी निविदा दस्तावेजों की जालसाजी के मामलों में कथित धन शोधन के लिए आरोप पत्र दायर किया है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
गुरुग्राम की एक विशेष अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से दाखिल शिकायत में ईडी ने प्रवीण यादव, उनकी बहन ऋतुराज यादव, ममता यादव, नवीन कुमार, कमल सिंह, दिनेश कुमार, किरणपाल यादव, कोशिया इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, एसएस डेवलपर्स, मंगला स्पन पाइप इंडस्ट्रीज, सी हॉक सर्विसेज और श्री श्याम इंडस्ट्रीज को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोपी बनाया गया है।
एजेंसी ने एक बयान में कहा, ‘‘गुरुग्राम के मानेसर थाने में आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रवीण यादव और अन्य के खिलाफ दर्ज पांच प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने सभी पांच प्राथमिकियों में कई लोगों और कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए।’’
ईडी की जांच में पता चला कि मानेसर के एनएसजी स्टेशन हेड क्वार्टर में प्रतिनियुक्ति पर टीम कमांडर सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और एससी एडमिन के रूप में तैनात रहे प्रवीण यादव ने एक आपराधिक साजिश रची। उन्होंने एनएसजी मानेसर के नाम से दस्तावेज़ों में फर्जीवाड़ा किया और गुरुग्राम के एक्सिस बैंक में एक फर्जी खाता खोला। इसमें उनकी बहन ऋतुराज यादव ने उनकी मदद की।
ऋतुराज यादव उस बैंक शाखा में प्रबंधक थीं।
जांच एजेंसी ने कहा, ‘‘अपनी साजिश के तहत प्रवीण यादव ने एनएसजी मानेसर के नाम पर कई ठेकेदारों को फर्जी दस्तावेज दिए या जारी किए, जिसके जरिए उन्होंने ठेकेदारों को सड़क बनाने, बाड़ लगाने, स्ट्रीट लाइट लगाने, दूध और अंडे आपूर्ति करने आदि समेत ऐसे कई फर्जी कामों के ठेके दिए, जो असल में मौजूद नहीं थे।
जांच में पता चला कि इस तरीके से प्रवीण यादव ने करीब 123.14 करोड़ रुपये की अवैध रकम अर्जित की। यह पैसा उस फर्जी बैंक खाते में जमा हुआ था, जो उन्होंने एनएसजी मानेसर के सेंट्रल वेयरहाउस के लिए ईएमडी के नाम पर बनाया था।
भाषा यासिर