सत्य की जीत होगी, मतदाताओं से न्याय की मांग करेंगे: पूर्व मंत्री पार्थ ने कहा
शोभना प्रशांत
- 11 Nov 2025, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
कोलकाता, 11 नवंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी ने तीन साल से अधिक समय बाद मंगलवार को हिरासत से बाहर आने के बाद कहा कि उन्हें ‘सत्य की जीत’ का भरोसा है और वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से ‘न्याय’ मांगेंगे, जिन्होंने उन्हें पांच बार चुना है।
चटर्जी को स्कूल नौकरी भर्ती मामले में 23 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया गया था। एक विशेष सीबीआई अदालत द्वारा उनकी रिहाई के आदेश के एक दिन बाद वह अपराह्न करीब 2.20 बजे व्हीलचेयर पर ईएम बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल से बाहर निकले।
चटर्जी जैसे बाहर आए तो वहां सुबह से इंतजार कर रहे समर्थकों ने ‘पार्थ दा जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
घर लौटने के तुरंत बाद जारी एक बयान में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक ने कहा, ‘‘मुझे हमेशा कानून पर भरोसा था। प्रारंभिक चरण में सत्य की जीत हुई है। आने वाले दिनों में सत्य की फिर से जीत होगी।’’
अपने निर्वाचन क्षेत्र का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ मैं बेहाला पश्चिम के लोगों के प्रति जवाबदेह हूं। जिन लोगों ने मुझे ईमानदार माना और पांच बार चुना, मैं न्याय के लिए उनके पास जाऊंगा।"
चटर्जी 2001 से बेहाला पश्चिम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
अस्पताल के गेट पर समर्थकों को देखकर चटर्जी काफी अभिभूत दिखे, लेकिन उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया और इशारा किया कि वह बोलना नहीं चाहते।
औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें दक्षिण कोलकाता के नकटाला स्थित घर ले जाया गया, मोटरसाइकिल पर सवार समर्थकों का एक काफिला उनके पीछे-पीछे चल रहा था। गाड़ी के अंदर से ही चटर्जी ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया।
उनके आवास पर रिश्तेदारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। वे अपने भाई, भाभी और भतीजी के साथ, सहारा लेकर घर में दाखिल हुए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वर्षों बाद अपने परिवार से मिलकर पूर्व मंत्री भावुक हो गए और उनकी भतीजी ने उन्हें सांत्वना दी। घर में प्रवेश करते ही उन्होंने अपने दिवंगत चाचा, गीतकार शिबदास बंद्योपाध्याय को भी याद किया। बाहर समर्थक उनके पक्ष में नारे लगाते रहे।
चटर्जी तीन वर्ष, तीन महीने और 19 दिन की हिरासत के बाद घर लौट आये।
भाषा शोभना