निष्पक्ष एसआईआर के लिए लोकसभा को भंग करना पहला कदम होना चाहिए : तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी
धीरज पवनेश
- 13 Aug 2025, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
नयी दिल्ली, 13 अगस्त (भाषा)तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची का निष्पक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने की दिशा में लोकसभा को भंग करना पहला कदम होना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि एसआईआर को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए न कि केवल चुनिंदा चुनावी राज्यों में।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘ निर्वाचन आयोग ने कहा है कि विभिन्न राज्यों की मतदाता सूचियां, जिनके आधार पर बमुश्किल एक साल पहले यानी 2024 में आम चुनाव कराए गए थे,त्रृटिपूर्ण और अनियमितताओं से भरी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि वास्तव में ऐसा है, और यदि भारत सरकार निर्वाचन आयोग के आकलन से सहमत है, तो वास्तविक एसआईआर को संपन्न कराने और उच्च नैतिक मानदंड स्थापित करने की दिशा में पहला कदम लोकसभा को तत्काल भंग करना है।’’ तृणमूल सांसद ने कहा, ‘‘यदि कोई वास्तव में एसआईआर के विचार का समर्थन करता है, तो निर्वाचन आयोग के अपने बयान के अनुसार - इस देश के लोगों के साथ विश्वासघात किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि लोकसभा को भंग कर दिया जाना चाहिए, पूरे देश में एसआईआर कराकर फिर उसके बाद देश में आम चुनाव कराए जाने चाहिए।
तृणमूल नेता ने कहा, ‘‘आप ‘क्रोनोलॉजी’ (क्रम) समझिए - सदन को भंग कीजिए, देशभर में एसआईआर कराइए, चुनाव में जाइए और लोगों का सामना कीजिए।’’
विपक्षी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया गठबंधन)में शामिल दल बिहार में जारी एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं और इसे ‘‘वोट चोरी’’ करार दे रहे हैं। उनका दावा है कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे कई लोग मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।
विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद में बहस की मांग कर रहे हैं। विपक्षी सांसदों ने सोमवार को निर्वाचन आयोग कार्यालय तक मार्च निकालने की भी कोशिश की, लेकिन उन्हें बीच में ही रोक दिया गया।
कांग्रेस ने बुधवार को घोषणा की कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के साथ 17 अगस्त से राज्य भर में ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकालेंगे। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
भाषा धीरज