वक्फ के बाद भाजपा की नजर ईसाई, जैन, बौद्ध और हिंदू मंदिरों की जमीन पर है: उद्धव
प्रीति नरेश
- 06 Apr 2025, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रविवार को आरोप लगाया कि वक्फ कानून लागू करने के बाद पार्टी अब अपने ‘मित्रों’ के लिए ईसाइयों, जैनियों, बौद्धों और यहां तक कि हिंदू मंदिरों की जमीन पर नजर गड़ाए हुए है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्रपवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित पत्रिका ‘ऑर्गनाइजर’ में छपे एक लेख का हवाला देते हुए इसी तरह का आरोप लगाया है।
ठाकरे ने कभी उसकी सहयोगी रही भाजपा को सलाह दी कि वह भगवान राम की तरह व्यवहार करे।
भाजपा रविवार को अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘वक्फ कानून के बाद अगला कदम ईसाई, जैन, बौद्ध और यहां तक कि हिंदू मंदिरों की जमीन पर नजर रखना होगा। वे (भाजपा) अपने दोस्तों को कीमती जमीन देंगे। उन्हें किसी समुदाय से कोई प्यार नहीं है।’’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025 को शनिवार को अपनी मंजूरी दे दी जिसे इसी सप्ताह संसद ने पारित किया था। सरकार का कहना है कि यह कानून देश में मुस्लिम धार्मिक संस्थाओं से संबंधित सुधारों की शुरुआत करेगा।
ठाकरे ने ‘ऑर्गनाइजर’ के एक लेख का हवाला देते हुए कहा, ‘‘उन्होंने इसे सार्वजनिक कर दिया है और हर किसी को अपनी आंखें खोल लेनी चाहिए।’’
ठाकरे ने पार्टी की आईटी और संचार शाखा ‘शिव संचार सेना’ की शुरुआत करने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या शिवसेना (उबाठा) अन्य विपक्षी दलों की तरह वक्फ विधेयक को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी तो उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया।
ठाकरे की पार्टी के सहयोगी संजय राउत ने कहा कि भविष्य में सभी वक्फ भूमि भाजपा के ‘‘उद्योगपति मित्रों’’ को दे दी जाएगी।
इस बीच, राकांपा (एसपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने दावा किया कि मुसलमानों को निशाना बनाने के बाद अब देश में ईसाइयों की बारी है।
ठाणे के कलवा-मुंब्रा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संघ समर्थित पत्रिका ने दावा किया है कि वक्फ बोर्ड नहीं, बल्कि भारतीय कैथोलिक चर्च देश में सबसे बड़ा भूस्वामी है।
उनके अनुसार, ‘भारत में किसके पास अधिक जमीन है? कैथोलिक चर्च बनाम वक्फ बोर्ड बहस’ शीर्षक वाला यह लेख तीन अप्रैल को प्रकाशित हुआ था।
भाषा प्रीति