गाजा पर हमले में इजराइल की जर्मनी के मदद करने के आरोप पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय सुनवाई करेगा
एपी धीरज दिलीप
- 07 Apr 2024, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
हेग, सात अप्रैल (एपी) संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत में सोमवार को एक मामले में प्रारंभिक सुनवाई शुरू होगी, जिसमें जर्मनी द्वारा इजराइल को की जा रही सैन्य और अन्य सहायता बंद करने का अनुरोध किया गया है।
शिकायतकर्ता निकारागुआ ने साथ ही दावा किया है कि जर्मनी गाजा में जारी इजराइल-हमास संघर्ष के दौरान नरसंहार और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन में इजराइल की मदद कर रहा है
इजराइल ने दृढ़ता से इस आरोप से इनकार किया है कि उसका सैन्य अभियान नरसंहार के खिलाफ संधि का उल्लंघन करता है।
निकारागुआ द्वारा अंतरराष्ट्रीय अदालत में दाखिल याचिका जर्मनी पर केन्द्रित है। हालांकि, परोक्ष रूप से यह सात अक्टूबर के घातक हमलों के बाद गाजा में इजराइल के सैन्य अभियान पर निशाना साधता है।
सात अक्टूबर को हमास ने इजराइल पर हमला किया था, जिसमें करीब 1200 लोग मारे गए थे। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजराइल की कार्रवाई में अबतक 33 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। हालांकि , गाजा के प्राधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कितने आम लोग और कितने लड़ाके हैं, लेकिन कहा कि मारे गए लोगों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।
जर्मनी के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सेबेस्टियन फिशर ने सुनवाई से पहले कहा, ‘‘हम शांत हैं और हम अदालत में अपना कानूनी पक्ष रखेंगे।’’ उन्होंने शुक्रवार को बर्लिन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम निकारागुआ के आरोपों को खारिज करते हैं।’’
फिशर ने कहा, ‘‘जर्मनी ने न तो नरसंहार के खिलाफ संधि का और न ही अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन किया है, और हम इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष विस्तार से रखेंगे।’’
निकारागुआ ने अदालत से अनंतिम उपायों के तहत प्रारंभिक आदेश पारित करने का अनुरोध किया है। उसने अनुरोध किया है कि जर्मनी द्वारा ‘‘इजराइल को दी जा रही सहायता, विशेष रूप से सैन्य उपकरणों सहित सैन्य सहायता को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया जाए, क्योंकि इस सहायता का इस्तेमाल नरसंहार के खिलाफ संधि और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन में किया जा सकता है।’’
अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा कुछ सप्ताह में प्रारंभिक निर्णय दिए जाने की संभावना है, लेकिन निकारागुआ द्वारा दायर याचिका पर अंतिम फैसला आने में सालों लग सकते हैं।
एपी धीरज