एसडीएफ ने अपने घोषणापत्र में उच्च शिक्षा, नौकरियों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया
आशीष नरेश
- 07 Apr 2024, 09:47 PM
- Updated: 09:47 PM
गंगटोक, सात अप्रैल (भाषा) सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) ने रविवार को अपना घोषणापत्र जारी किया जिसमें राज्य में समाज के सभी वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया गया है।
विपक्षी दल एसडीएफ के अध्यक्ष पवन कुमार चामलिंग ने कहा कि नौकरियों और उच्च शिक्षा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की उनकी पार्टी की प्रतिबद्धता का उद्देश्य आधी आबादी को सशक्त बनाना है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने नामची जिले के रंगांग-यांगंग विधानसभा क्षेत्र में घोषणापत्र जारी करते हुए कहा, ‘‘एसडीएफ नौकरियों और उच्च शिक्षा में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करेगा।’’
इस अवसर पर लोकसभा सीट के लिए पार्टी उम्मीदवार पी डी राय और रंगांग-यांगांग विधानसभा सीट से उम्मीदवार एम के सुब्बा भी उपस्थित थे।
एसडीएफ ने राज्य की एकमात्र लोकसभा सीट और 32 विधानसभा क्षेत्रों में किसी भी महिला को उम्मीदवार नहीं बनाया है।
एसडीएफ ने अपने घोषणापत्र में राज्य में सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने का भी वादा किया है।
विपक्षी दल के घोषणापत्र में कहा गया है कि मूल वासी भूटिया और लिंबू समुदायों को आदिम जनजातियों के रूप में मान्यता दी जाएगी, जबकि सभी राज्य भाषाओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर पढ़ाया जाएगा। पार्टी ने कहा है कि माउंट एवरेस्ट के पहले पर्वतारोही तेनजिंग नॉर्गे के सम्मान में राज्य अवकाश घोषित किया जाएगा।
एसडीएफ ने सिक्किम के सभी घरों को मुफ्त बिजली देने और इसे दुनिया का पहला ‘‘कार्बन-निगेटिव’’ राज्य बनाने का भी वादा किया।
विपक्षी दल ने मनरेगा श्रमिकों को नियमित सरकारी कर्मचारी बनाने का भी प्रस्ताव रखा जिसमें उनका वेतन 500 रुपये तक और श्रम दिवस को 200 दिन तक बढ़ाया जाएगा।
शिक्षित बेरोजगार युवाओं को लुभाने के लिए एसडीएफ के घोषणापत्र में सिक्किम लोक सेवा आयोग (एसपीएससी) द्वारा हर दो साल में नौकरी से संबंधित परीक्षाएं आयोजित करने का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि लिपिक और शिक्षक नौकरियों के लिए साक्षात्कार हर दो महीने में आयोजित किए जाएंगे।
एसडीएफ ने सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन दोगुना करने का भी वादा किया। इसमें सरकारी कर्मचारियों के लिए सभी शनिवारों को छुट्टियां घोषित करने का भी वादा किया गया।
पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके चामलिंग ने युवाओं से अपने मताधिकार का इस्तेमाल बहुत सावधानी से करने का आग्रह किया क्योंकि उनका और राज्य का भविष्य इससे जुड़ा है। राज्य में 19 अप्रैल को मतदान होंगे।
भाषा आशीष