आईटीसी की चार-पांच वर्षों में एफपीओ के जरिये एक करोड़ किसानों तक पहुंचने की योजना
प्रेम
- 05 Dec 2024, 06:50 PM
- Updated: 06:50 PM
(दूसरे एवं पांचवें पैरा में नाम ठीक करते हुए.. रिपीट)
भोपाल, पांच दिसंबर (भाषा) विविध कारोबार में सक्रिय आईटीसी ने कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के अपने नेटवर्क का विस्तार कर अगले चार-पांच वर्षों में एक करोड़ किसानों को अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा है। कंपनी इस तरह से फलों और सब्जियों की खरीद बढ़ाना चाहती है।
आईटीसी के कृषि व्यवसाय खंड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एस गणेश कुमार ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में यह जानकारी दी।
आईटीसी इस समय 22 राज्यों में एफपीओ के जरिये करीब 20 फसलों की उपज पर काम कर रही है। कंपनी इस गतिविधि को मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में और बढ़ाना चाहती है।
इसके अलावा आईटीसी अपने सुपर ऐप 'मार्स' की पहुंच बढ़ाने की भी कोशिशों में जुटी है। उन्नत कृषि ग्रामीण सेवाओं के लिए मेटामार्केट यानी मार्स एक भौतिक एवं डिजिटल पहल है। इस ऐप के जरिये कंपनी किसानों को मौसम पूर्वानुमान, मंडी कीमतों पर फसलों की बिक्री, बीज एवं उर्वरक की आपूर्ति और मृदा परीक्षण जैसी सेवाओं से लेकर बैंक ऋण लेने में मदद दे रही है।
गणेश कुमार ने कहा, "इस समय कृषि समूह और एफपीओ का कुल आकार करीब 1,600 है। हमारी महत्वाकांक्षा अगले चार से पांच वर्षों में इसे 4,000 करने और करीब एक करोड़ किसानों तक ले जाने की है।"
उन्होंने कहा कि आईटीसी अब संकुल आधारित दृष्टिकोण से गेहूं, धान, मक्का, सोया, मिर्च और जीरा जैसी पारंपरिक फसलों की खरीद से आगे बढ़कर मटर, आम, फल और हरी सब्जियों तक इन एफपीओ का विस्तार कर रही है।
कृषि से संबंधित गतिविधियों को संभालने के लिए छोटे और सीमांत किसानों के समूहों के जरिये ये एफपीओ अब उन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन गए हैं। अब आईटीसी उन्हें आधुनिक तकनीक और विज्ञान के लाभों के साथ एकीकृत करने की कोशिश कर रही है।
आईटीसी सीधे किसानों के साथ काम करने वाला सबसे बड़ा कॉरपोरेट समूह है। वित्त वर्ष 2023-24 में 'कृषि व्यवसाय' खंड से कंपनी का राजस्व 16,124 करोड़ रुपये रहा था जो इसके कुल राजस्व का लगभग पांचवां हिस्सा था।
कृषि व्यवसाय खंड के प्रमुख ने कहा, "फिलहाल जिन 10 राज्यों में मार्स पहल को शुरू किया गया है, वहां के केंद्रों से आईटीसी की लगभग 40 प्रतिशत कृषि खरीद इस सुपर ऐप के जरिये ही की जाती है।"
भाषा प्रेम