जिरीबाम में गोली लगने से हुई 10 कुकी युवकों की मौत : पोस्टमार्टम रिपोर्ट
प्रशांत नरेश
- 01 Dec 2024, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
चुराचांदपुर (मणिपुर), एक दिसंबर (भाषा) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए 10 कुकी-जो युवकों को कई गोलियां लगीं और उनमें से अधिकांश को पीछे से गोली मारी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आयी।
‘पीटीआई-भाषा’ के पास उपलब्ध सभी 10 शव-परीक्षण रिपोर्टों के विस्तृत विश्लेषण से पता चला है कि गोली लगने और ऐसे घावों के अलावा उनके शरीर पर यातना के कोई अन्य निशान नहीं थे।
दस्तावेजों के अनुसार, एक नाबालिग सहित 10 युवकों की पहचान रामनेइलियन (29), फिमलियन कुंग नगुर्टे (31), एल्विस लालरोपेई ज़ोटे (21), लालथानेई (22), जोसेफ लालदिटम (19), फ्रांसिस लालज़ारलियन (25), रौलनिसांग (30), लालसीमलीन हमार (30), हेनरी लालसांगलीन (25) और रॉबर्ट लालनंटलुंग (16) के रूप में की गई।
मणिपुर पुलिस ने 11 नवंबर को दावा किया कि सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ में 10 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। यह मुठभेड़ छद्म वर्दी पहने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों द्वारा बोरोबेकरा पुलिस थाने और जिरीबाम जिले के जकुराधोर स्थित सीआरपीएफ शिविर पर अंधाधुंध गोलीबारी के बाद हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब उन्हें असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएमसीएच) में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था, तो उनमें से अधिकतर लोग छद्मवेश और खाकी पोशाक में थे।
दिलचस्प बात यह है कि छह शव अगले दिन 12 नवंबर को एसएमसीएच लाए गए, जबकि चार शव 14 नवंबर को अस्पताल लाए गए थे और सड़ने की प्रारंभिक अवस्था में थे।
जिन शवों का 12 नवम्बर को पोस्टमार्टम किया गया था, उनकी मृत्यु का अनुमानित समय 24-36 घंटे पूर्व था, जबकि 14 नवंबर को लाये गये शवों की मृत्यु का अनुमानित समय 72-96 घंटे पूर्व था।
केवल हमार के मामले में, मृत्यु का अनुमानित समय 14 नवंबर को शव-परीक्षण से 48 से 72 घंटे पहले का था।
सभी शवों पर कई गोलियों के निशान थे, यहां तक कि कुछ मृतकों के शरीर पर तो एक दर्जन से भी अधिक गोलियां लगीं।
तीन डॉक्टरों की अलग-अलग टीमों द्वारा हस्ताक्षरित पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गोलियां युवकों के सिर से लेकर पैर तक पूरे शरीर पर लगीं और अधिकांश को पीछे से गोली मारी गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नगुर्टे, लालजारलियन, हमार और लालसांगलीन के शवों से एक-एक आंख गायब थी।
डॉक्टरों ने गुवाहाटी स्थित फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय (डीएफएस) से विसरा के रासायनिक विश्लेषण की रिपोर्ट प्राप्त होने तक मौत के कारण के बारे में अपनी राय लंबित रखी।
समुदाय के एक प्रमुख संगठन ने कहा है कि इन 10 युवकों के साथ दो अन्य कुकी-जो पुरुषों का अंतिम संस्कार पांच दिसंबर को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में किया जाएगा।
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