भारत और नेपाल के बीच वार्षिक सीमा वार्ता इस हफ्ते काठमांडू में होगी
पारुल संतोष
- 12 Nov 2024, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
नयी दिल्ली, 12 नवंबर (भाषा) भारत और नेपाल इस हफ्ते के अंत में काठमांडू में अपनी वार्षिक सीमा वार्ता करेंगे, जिसमें सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने और खुफिया सूचनाओं को समय पर साझा करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक अमृत मोहन प्रसाद के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल 16-18 नवंबर के बीच नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काठमांडू की यात्रा करेगा।
यह भारत और नेपाल के बीच वार्षिक सीमा वार्ता का आठवां संस्करण होगा। 2012 में शुरू होने वाली यह वार्षिक वार्ता एक साल भारत में और एक साल नेपाल में आयोजित की जाती है। सीमा वार्ता के लिए एपीएफ का एक प्रतिनिधिमंडल नवंबर 2023 में भारत आया था।
इस वार्ता का मकसद दोनों बलों को बिना बाड़ वाली भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराना है।
एसएसबी पर भारत की नेपाल से लगी 1,751 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा की जिम्मेदारी है, जो बिहार, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से होकर गुजरती है।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बैठक का एजेंडा उन उपायों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहने की उम्मीद है, जो सीमा पार अपराधों से निपटने में प्रभावी सहयोग के लिए दोनों पक्षों द्वारा किए जा सकते हैं और दोनों बलों के बीच महत्वपूर्ण सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान कर सकते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के कर्मी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि वार्ता के अंत में 18 नवंबर को काठमांडू में दोनों पक्षों के चर्चा से जुड़े संयुक्त रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।
एपीएफ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बल के महानिरीक्षक (आईजी) राजू आर्यल करेंगे। भारत-नेपाल सीमा पर तीसरे देश के नागरिकों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के अवैध रूप से घुसपैठ करने का खतरा है, क्योंकि यहां बाड़ नहीं है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने इस सीमा से कई आतंकवादियों, जालसाजों और अपराधियों को पकड़ा है।
काठमांडू यात्रा के दौरान एसएसबी प्रमुख के नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करने की संभावना है।
भाषा पारुल