लापता बच्चों को खोजने की उम्मीद में केशोपुर बोरवेल पर पहुंचे कई परिवार
रवि कांत अमित
- 11 Mar 2024, 12:25 AM
- Updated: 12:25 AM
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) पश्चिमी दिल्ली के केशोपुर मंडी में रविवार को एक 'बच्चे' के बोरवेल में गिरने की खबर फैलने के तुरंत बाद कुछ ऐसे परिवार घटनास्थल पर जमा हो गए जिनके बच्चे लापता हो गए हैं। ये परिवार इस उम्मीद में वहां जमा हुए कि अंदर फंसा 'बच्चा' उनका हो सकता है।
बचावकर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद अनुमान लगाया कि अंदर मौजूद व्यक्ति की उम्र 18-20 साल हो सकती है। इस खबर के बाद और भी परिवार बोरवेल के पास जमा हो गए। वे इस उम्मीद में वहां जमा हुए कि बोरवेल में फंसा व्यक्ति उनके परिवार का लापता सदस्य हो सकता है।
जैसे-जैसे अधिक समय बीतता गया, बचावकर्ताओं ने घोषणा की कि जो व्यक्ति अंदर गिरा था वह पूर्ण रूप से एक वयस्क व्यक्ति था, जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष थी। इस घटना से संबंधित नयी जानकारी सामने आने के साथ ही बोरवेल पर एकत्र होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गयी। हालांकि, उनमें से प्रत्येक व्यक्ति ने उम्मीद जतायी कि जो कोई भी अंदर है, वह सुरक्षित बाहर आ जाए।
गीता देवी (35) एक चाय की एक दुकान पर अपने बेटे की तस्वीर लिए इंतजार कर रही थीं, जो दो दिन पहले लापता हो गया था।
गीता देवी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘मैं विकासपुरी में रहती हूं। मेरे पड़ोसियों ने मुझे बताया कि एक बच्चा बोरवेल में गिर गया है। चूंकि, मेरा 10 साल का बेटा भी पिछले दो दिनों से लापता है, मुझे लगा कि यह वही हो सकता है, इसलिए मैं आ गई। बाद में मुझे पता चला कि वह एक आदमी था। मैंने उनकी सलामती के लिए प्रार्थना की। ’’
पुलिस ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के एक जलशोधन संयंत्र में 40 फुट गहरे बोरवेल में गिरे व्यक्ति को बाहर निकालने के लिए लगभग 14 घंटे तक बचाव अभियान चलाये जाने के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और रविवार को व्यक्ति का शव बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया।
मृत व्यक्ति की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। सूत्रों ने बताया कि बोरवेल एक बंद कमरे में था और वह जगह वीरान पड़ी हुई थी।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विचित्र वीर ने कहा, "12 घंटे से अधिक के अभियान के बाद व्यक्ति को बोरवेल से निकाला गया। दुर्भाग्य से, उसकी मौत हो चुकी थी। उसकी उम्र 25 से 35 साल के बीच लग रही थी। हम उसकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।"
भाषा रवि कांत