दिल्ली की महापौर ने एमसीडी की शिक्षक स्थनांतरण नीति में ‘अनियमितताओं’ की जांच के निर्देश दिए
धीरज पारुल
- 04 Nov 2024, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) दिल्ली की महापौर शेली ओबराय ने एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार को नगर निकाय द्वारा संचालित विद्यालयों के शिक्षकों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति में कथित अनियमितताओं की जांच का निर्देश दिया है।
महापौर ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त से अनधिकृत तरीके से ऑफलाइन स्थानांतरण किए जाने संबंधी खबरों की जांच करने को कहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि जांच में नीति में भ्रष्टाचार की बात सामने आ सकती है।
दिल्ली नगर निगम ने इस साल की शुरुआत में ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की थी, ताकि शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता लाई जा सके और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हस्तक्षेप की आशंका को सीमित किया जा सके।
हालांकि, ओबरॉय ने रेखांकित किया कि कुछ तबादले नीति के खिलाफ जाकर ऑफलाइन किए गए।
महापौर ने एमसीडी आयुक्त को दो नवंबर को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मेरे संज्ञान में लाया गया है कि शिक्षा विभाग में ऑफलाइन तबादले भी किए जा रहे हैं, जो नीति के खिलाफ है और भ्रष्टचार की आशंका पैदा करता है। यह बहुत ही गंभीर मामला है, क्योंकि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का उद्देश्य कमजोर होगा।’’
उन्होंने आयुक्त से तबादला नीति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा, ताकि प्रक्रिया का दुरुपयोग रोका जा सके।
ओबरॉय ने कहा, ‘‘इसलिए मैं सलाह दूंगी कि मामले की जांच की जाए और उचित कार्रवाई की जाए। यह काम सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।’’
एमसीडी स्कूलों के कई शिक्षकों ने ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण नीति में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बार-बार चिंता जताई है। उनका आरोप है कि शिक्षकों के मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से तबादले किए जा रहे हैं। कई शिक्षकों ने ऑनलाइन स्थानांतरण नीति को खत्म करने की भी मांग की है।
एमसीडी स्कूलों के शिक्षकों के संघ ‘शिक्षा न्याय मंच’ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह खत्री ने कहा, ‘‘अगर ऑनलाइन स्थानांतरण नीति है, तो ऑफलाइन तबादले क्यों किए जा रहे हैं? ऑनलाइन स्थानांतरण नीति को खत्म किया जाना चाहिए। इसके बाद रिक्तियों को शिक्षक-छात्र अनुपात के आधार पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। फिर ऑफलाइन स्थानांतरण के लिए सभी शिक्षकों से आवेदन मंगाए जाने चाहिए और पारदर्शी तरीके से स्थानांतरण सूची जारी की जानी चाहिए।’’
भाषा धीरज