टीटीडी की तिरुमला में केवल हिंदू कर्मी की मांग जबकि केंद्र वक्फ बोर्ड में चाहता गैर मुस्लिम : ओवैसी
योगेश धीरज
- 02 Nov 2024, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
हैदराबाद, दो नवंबर (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के नवनियुक्त अध्यक्ष ने तिरुमाला में केवल हिंदू कर्मचारियों को ही रखने की नीति का समर्थन किया है, जबकि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करना चाहती है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा माता-पिता को अधिक बच्चे पैदा करने के पक्ष में की गई टिप्पणी पर ओवैसी ने कहा कि यदि उन्होंने भी यही बात कही होती तो उन पर ‘जनसंख्या जिहाद’ करने का आरोप लगाया जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन जनसंख्या के आधार पर किया गया तो दक्षिण भारत को नुकसान होगा।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘टीटीडी के अध्यक्ष का कहना है कि सभी कर्मचारी हिंदू होने चाहिए। काशी विश्वनाथ बोर्ड ने भी कहा है कि कमिश्नर समेत सभी कर्मचारी हिंदू धर्म से होने चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि कई राज्यों के बंदोबस्ती बोर्ड का कहना है कि यदि बोर्ड के पदाधिकारी धर्म परिवर्तन करेंगे तो उन्हें उनके पदों से हटा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है यदि इन बोर्ड में केवल हिंदू अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
ओवैसी ने सवाल किया कि मोदी सरकार गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड का सदस्य क्यों बनाना चाहती है।
टीटीडी बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष बीआर नायडू ने 31 अक्टूबर को कहा था कि भगवान वेंकटेश्वर के प्रकट स्थल तिरुमाला में काम करने वाले सभी लोग हिंदू होने चाहिए।
नायडू ने कहा था कि वह आंध्र प्रदेश सरकार से बात करेंगे कि अन्य धर्मों के कर्मचारियों के साथ क्या किया जाए, उन्हें अन्य सरकारी विभागों में भेजा जाना चाहिए या वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) दिया जाना चाहिए।
ओवैसी ने दावा किया कि प्रस्तावित वक्फ विधेयक संविधान के अनुच्छेद 26 का उल्लंघन करता है जो धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा यह विधेयक वक्फ की रक्षा के लिए नहीं बल्कि वक्फ को लूटने के लिए लाया गया है।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला की कथित टिप्पणी की थी कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमलों के लिए हर बार पाकिस्तान को दोष देना सही नहीं है। इस बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि कानून व्यवस्था उपराज्यपाल के हाथ में है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह केंद्र की राजग सरकार की विफलता है कि वह पाकिस्तान से आने वाले आतंकवादियों के हमलों को रोकने में सक्षम नहीं है।
भाषा योगेश