मोबाइल टावर उपकरण चोरी के खिलाफ देशभर में चलाये गए अभियान में 52 लोग गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस
सुभाष माधव
- 30 Oct 2024, 09:38 PM
- Updated: 09:38 PM
नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर (भाषा) मोबाइल टावर उपकरण चुराने और उन्हें हांगकांग में बेचने में कथित तौर पर संलिप्त एक गिरोह के खिलाफ देशभर में चलाये गए अभियान में, दिल्ली पुलिस ने 52 लोगों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने अब तक 65 करोड़ रुपये मूल्य की रिमोट रेडियो यूनिट (आरआरयू) विदेश भेजी है।
आरआरयू एक ट्रांसीवर है जिसे वायरलैस आधारित स्टेशनों/मोबाइल टावरों पर लगाया जाता है। यह मोबाइल फोन पर संदेश भेजने और प्राप्त करने को संभव बनाता है।
विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 52 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब तक दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश(उप्र), हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु में चोरी के 256 मामलों का खुलासा किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले एक साल में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर पूरे देश में यह अभियान चलाया।
श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर दिल्ली, उप्र, बिहार, ओडिशा, पंजाब, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर मोबाइल टावरों पर विभिन्न दूरसंचार कंपनियों द्वारा लगाई गई 414 आरआरयू, 110 बेस बैंड यूनिट (बीबीयू), 161 बैटरी और आरआरयू जांच मशीन बरामद की गई है।
बरामद उपकरणों की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है।
पुलिस ने बताया कि ये गिरफ्तारियां 18 जनवरी 2023 से इस साल 26 अक्टूबर के बीच की गईं।
विशेष आयुक्त ने बताया, ‘‘22 अक्टूबर को टीम ने गिरोह के एक प्रमुख सदस्य जुबेर मलिक को गिरफ्तार किया और शुरुआत में उसके पास से एक जांच मशीन के साथ कुल 63 आरआरयू बरामद किए गए।’’
अधिकारी ने बताया कि जुबेर मलिक की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के सदस्यों ने यह कृत्य करने का तरीका बदल दिया और अपने गोदाम से एक अन्य आरोपी सागर भटनागर के गोदाम तक आरआरयू ले जाने के लिए तिपहिया वाहनों के बजाय निजी वाहनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने बताया कि टीम ने महिपालपुर में एक गोदाम पर छापा मारा और गोदाम के बाहर से गुरदीप सिंह नाम के एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उसने बताया कि फुरकान ने उसे 40 आरआरयू दिए थे, जिन्हें भटनागर के माध्यम से हांगकांग भेजा जाना था।
पुलिस ने बताया कि उसकी टीम ने गोदाम पर छापा मारा और 77 आरआरयू बरामद किए। इनमें से 37 आरआरयू राजेश शुक्ला नाम के व्यक्ति ने भेजे थे और 40 आरआरयू गुरदीप ने लाए थे।
भटनागर को गिरफ्तार कर लिया गया और उसने खुलासा किया कि वह इलेक्ट्रॉनिक स्विच के बहाने इन आरआरयू को हांगकांग भेजता था।
भाषा सुभाष