केरल: उपचुनाव में अहम मुद्दा बनकर उभरा है वक्फ (संशोधन) विधेयक
गोला सुरेश
- 28 Oct 2024, 02:57 PM
- Updated: 02:57 PM
तिरुवनंतपुरम, 28 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)-नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर रुख केरल में वायनाड लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में चर्चा का विषय बनकर सामने आ रहा है।
वायनाड लोकसभा सीट पर अच्छा-खासा प्रभाव रखने वाले कैथोलिक चर्च ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत सरकार द्वारा लाए विधेयक का समर्थन किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रही हैं।
चर्च ने आरोप लगाया कि एर्नाकुलम जिले में चेराई और मुनाम्बम गांवों में कई पीढ़ियों से रह रहे ईसाई परिवारों की कई संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड ने गैर-कानूनी तरीके से दावा जताया है।
साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च समर्थित दैनिक अखबार ‘दीपिका’ ने सोमवार को प्रकाशित एक संपादकीय में यूडीएफ और एलडीएफ की आलोचना करते हुए उन पर ‘‘प्रभावित लोगों की पीड़ा देखे बिना वक्फ कानून की रक्षा के लिए’’ राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने का आरोप लगाया।
एलडीएफ और यूडीएफ की आलोचना करते हुए संपादकीय में कहा गया है कि मुनाम्बम में न्याय का वादा करने वाले लोग तिरुवनंतपुरम गए और यह कहते हुए एक प्रस्ताव पारित किया कि वक्फ कानून में छेड़छाड़ न की जाए।
इस मुद्दे पर अखबार ने ऐसे वक्त में अपना रुख व्यक्त किया है जब वायनाड लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीटों- पलक्कड़ तथा चेलक्कारा- के लिए उपचुनाव करीब आ रहा है।
केरल विधानसभा ने इस महीने की शुरुआत में केंद्र द्वारा वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया था।
प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि संयुक्त संसदीय समिति के विचाराधीन प्रस्तावित विधेयक धर्म, संघवाद, धर्मनिरपेक्षवाद और लोकतंत्र के अधिकार तथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
इसी दौरान, केरल में साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च और केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के संबंध में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को पत्र भेजकर वक्फ कानून, 1995 में संशोधन के सुझावों का अनुरोध किया।
एक सूत्र ने बताया कि चर्च ने संयुक्त संसदीय समिति से एर्नाकुलम जिले के दो गांवों और भारत के कई अन्य हिस्सों में उन लोगों की ‘‘दयनीय स्थिति’’ पर विचार करने का अनुरोध किया, जो वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए ‘‘पूरी तरह अनुचित और अमानवीय दावों’’ के कारण अपने घरों को खोने का दंश झेल रहे हैं।
भाषा
गोला