दिवाली समारोह के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र समूहों के बीच झड़प, पुलिस तैनात
शोभना आशीष
- 23 Oct 2024, 04:16 PM
- Updated: 04:16 PM
नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दिवाली समारोह के दौरान छात्रों के दो समूहों के बीच झड़प हुई जिसके बाद एहतियात के तौर पर परिसर के द्वार के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना मंगलवार रात को हुई लेकिन इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
दिवाली कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय कला मंच (आरकेएम) ने किया था, जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ा है।
एबीवीपी ने कहा है कि वह बुधवार शाम को फिर से ‘दीप महोत्सव’ आयोजित करेगी।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कार्यवाहक कुलपति मोहम्मद शकील से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने संदेशों और फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।
पुलिस के अनुसार छात्रों के एक समूह ने दिवाली समारोह में बाधा डाली जिसके बाद दोनों समूह के बीच झड़प हुई। विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया गया और छात्र वहां से चले गए।
कुछ ऐसे कथित वीडियो सोशल मीडिया में आए हैं जिनमें परिसर के अंदर छात्र ‘‘सांप्रदायिक’’ नारे लगा रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंदर तनाव की सूचना मिलने के बाद एहतियात के तौर पर गेट के बाहर और परिसर के आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिस को परिसर के आसपास निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशुतोष सिंह के अनुसार इस घटना का छात्रों पर कोई असर नहीं पड़ा है और वे बुधवार शाम को परिसर में ‘दीप महोत्सव’ आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘शैक्षणिक संस्थानों में सभी त्योहार मनाने की आजादी होनी चाहिए। यदि परिसर में इफ्तार पार्टी आयोजित की जा सकती है तो दिवाली समारोह की भी अनुमति दी जानी चाहिए। हमें इस कार्यक्रम (जो मंगलवार शाम को आयोजित किया गया था) के लिए प्रॉक्टर कार्यालय से अनुमति मिली थी।’’
सिंह ने कहा, ‘‘वहां मुस्लिम छात्रों के अलावा अन्य छात्र भी हमारे साथ जश्न मना रहे थे लेकिन कुछ कट्टरपंथी तत्व वहां आ गए और मारपीट की।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने हिंसा को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। सिंह ने कहा कि एबीवीपी इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी।
भाषा शोभना