जम्मू-कश्मीर में नवनिर्वाचित 90 विधायकों में से 70 प्रतिशत से अधिक स्नातक
सिम्मी नरेश
- 12 Oct 2024, 07:58 PM
- Updated: 07:58 PM
श्रीनगर, 12 अक्टूबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुने गए 90 विधायकों में से 70 प्रतिशत से अधिक ने अपनी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक बताई है और इनमें से तीन के पास डॉक्टरेट की डिग्री है।
गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, हाल में हुए विधानसभा चुनावों में विजयी रहे डॉक्टरेट डिग्री धारक तीनों विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं। भाजपा के छह विधायक पेशेवर डिग्री वाले स्नातक और चार स्नातकोत्तर हैं।
कुल 42 सीट के साथ चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के विधायक दल में 16 पेशेवर डिग्री वाले स्नातक और पांच स्नातकोत्तर हैं।
भाजपा के आठ विधायकों ने 10वीं को अपनी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता घोषित किया है, जबकि नेकां में ऐसे विधायकों की संख्या सिर्फ एक है। भाजपा के दो विधायक ऐसे हैं जिन्होंने कक्षा-10 की परीक्षा पास नहीं की है, जबकि इस श्रेणी में नेकां का एक विधायक है।
भाजपा के चार विधायक ऐसे हैं जिन्होंने कक्षा-12 की परीक्षा पास की है, जबकि नेकां के ऐसे विधायकों की संख्या छह है।
नए विधानसभा सदस्यों की शैक्षिक योग्यता के समग्र विश्लेषण से पता चलता है कि चार विधायकों ने कक्षा-10 की परीक्षा पास नहीं की है, जबकि नौ दसवीं पास हैं। एक दर्जन विधायकों की उच्चतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12 है।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की पहली विधानसभा के 16 सदस्य स्नातक और 32 सदस्य पेशेवर डिग्री वाले स्नातक हैं, जबकि 12 सदस्यों ने स्नातकोत्तर डिग्री पूरी की है। सदन में तीन डॉक्टरेट डिग्री धारक और दो डिप्लोमा धारक भी हैं।
एडीआर के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 90 विधायकों में से नौ के खिलाफ आपराधिक मामले हैं, जिनमें से आठ विधायक ऐसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनके लिए पांच या इससे अधिक साल की जेल की सजा का प्रावधान है। इनमें से पांच विधायक नेशनल कॉन्फ्रेंस के हैं, जिनमें से चार पर गंभीर आरोप हैं, जबकि दो भाजपा विधायकों के खिलाफ भी गंभीर आपराधिक मामले हैं।
अन्य दो विधायक पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के हैं। आपराधिक मामलों का सामना कर रहे विधायकों की संख्या इस बार बढ़ गई है। पूर्ववर्ती राज्य की 87 सदस्यीय विधानसभा में केवल पांच विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे जिनमें से दो पर गंभीर आरोप थे।
भाषा सिम्मी