हरियाणा में टिकट नहीं मिलने पर कोई नाराजगी नहीं, सरकार बनाने का भरोसा: रामबिलास शर्मा
यासिर सुरभि
- 30 Sep 2024, 10:38 AM
- Updated: 10:38 AM
(गुंजन शर्मा)
महेंद्रगढ़ (हरियाणा), 30 सितंबर (भाषा) हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिए जाने से उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है और वह पार्टी की सेवा करते रहेंगे।
शर्मा को हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थिति मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है और अब उन्हें पार्टी की राज्य इकाई का ‘‘वट वृक्ष’’ कहा जाता है।
महेंद्रगढ़ से पांच बार के विधायक और तीन बार राज्य के मंत्री रह चुके रामबिलास शर्मा (74) ने भाजपा की ओर से उनकी उम्मीदवारी को आखिरी समय तक टाले जाने के कारण बतौर निर्दलीय अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि पार्टी ने शर्मा को अपने आधिकारिक उम्मीदवार कंवर सिंह के समर्थन में नाम पावस लेने के लिए मना लिया।
शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने पार्टी को पांच दशक से अधिक समय दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी मुझसे कहा करते थे कि मुझे हरियाणा में ही रहना है और राज्य में पार्टी का आधार स्थापित करना है तथा मैं ऐसा करना जारी रखूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कई साथी राजनेताओं ने पार्टी बदल ली, लेकिन मैं यहीं रहा और आगे भी ऐसा ही करूंगा। मुझे टिकट नहीं दिए जाने को लेकर पार्टी के पास कुछ कारण हो सकते हैं, लेकिन मुझे कोई शिकायत नहीं है।’’
इस समय निष्ठा की शपथ ले रहे शर्मा टिकट नहीं मिलने से वह दुखी थे और अपने समर्थकों के सामने भावुक भी हुए। उनके समर्थकों ने उनसे निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का आग्रह भी किया था।
इस महीने की शुरुआत में उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था, जिसमें शर्मा भावुक नजर आ रहे और वह अपने आंसू नहीं रोक पाए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘भावुक होना स्वाभाविक था। मुझे हमेशा उनका समर्थन मिला है, लेकिन मैंने उनसे कहा कि जब मैं मरूंगा, तो भाजपा के झंडे के साथ ही जाऊंगा। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी बदलने के कई मौके आए, लेकिन उस वक्त मैंने जब ऐसा कोई कदम नहीं उठाया तो अब मैं शांत रहना ही पसंद करूंगा।’’
शर्मा को विश्वास है कि पार्टी राज्य में तीसरी बार जरूर सरकार बनाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की और उनसे पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में शामिल होने का आग्रह किया।
हरियाणा में 2014 में विधानसभा चुनाव में पार्टी के जीत हासिल करने पर शर्मा को मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा था और वे भाजपा की हरियाणा इकाई के प्रमुख थे। हालांकि मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री चुना गया और शर्मा शिक्षा मंत्री के तौर पर कैबिनेट में शामिल हो गए।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शर्मा का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा उनके जैसे वरिष्ठ नेता को अपमानित करना गलत है।
भाषा यासिर