नए मलयालम फिल्म संगठन का हिस्सा नहीं हूं: निर्देशक पेलिसरी
जोहेब दिलीप
- 18 Sep 2024, 09:24 PM
- Updated: 09:24 PM
तिरुवनंतपुरम, 18 सितंब (भाषा) केरल में हेमा कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद सिनेमा उद्योग में जारी उथल-पुथल के बीच नया फिल्म संगठन बनाने की कोशिश कर रहीं फिल्मी हस्तियों के समूह को झटका देते हुए निर्देशक लीजो जोस पेलिसेरी ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वह निर्देशक आशिक अबू द्वारा बनाए गए समूह का हिस्सा नहीं हैं।
एक दिन पहले मीडिया में खबरें आई थीं कि पेलिसेरी नया फिल्म संगठन बनाने वालों में शामिल हैं, जिसका उद्देश्य फिल्म उद्योग में नयी जान फूंकने और निष्पक्ष व न्यायपूर्ण कार्यस्थल बनाना बताया गया है।
पेलिसेरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, “मीडिया में जिस समूह की चर्चा हो रही है, मैं फिलहाल उसका हिस्सा नहीं हूं।”
उन्होंने कहा कि उनके मित्र व निर्देशक अबू ने इस तरह का समूह बनाने का विचार उनके सामने रखा था।
निर्देशक ने कहा, “मैं रचनात्मक फिल्म निर्माताओं के एक स्वतंत्र संगठन की अवधारणा से सहमत हूं और इस तरह की पहल का स्वागत करता हूं। हालांकि, अगर मैं ऐसे किसी समूह में शामिल होता हूं, तो मैं आधिकारिक घोषणा करूंगा। तब तक, मेरे नाम से प्रसारित होने वाली कोई भी सूचना को मेरी सहमति नहीं है।”
प्रस्तावित ‘प्रगतिशील फिल्म निर्माता संघ’ के एक पत्र पर कई उल्लेखनीय फिल्मी हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें निर्देशकों अंजलि मेनन, पेलिसेरी, राजीव रवि और आशिक अबू के साथ-साथ अभिनेत्री रीमा कलिंगल और निर्माता बिनीश चंद्रा भी शामिल हैं। इस पत्र को सिनेमा जगत की हस्तियों के बीच प्रसारित किया गया है।
नए फिल्म एसोसिएशन के गठन का घटनाक्रम न्यायमूर्ति के हेमा समिति की रिपोर्ट में हुए खुलासे के संबंध में ‘एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स’ (एएमएमए) और ‘फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल’ (एफईएफकेए) जैसे मौजूदा संगठनों के रुख को लेकर मतभेद उभरने के कुछ सप्ताह बाद सामने आया है।
रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और शोषण के आरोप सामने आने के बाद मलयाली सिनेमा उद्योग में उथल-पुथल मची हुई है।
केरल सरकार ने 2017 में अभिनेत्री पर हमले का मामला सामने आने के बाद फिल्म उद्योग में उत्पीड़न और शोषण के मामलों का पता लगाने के लिए न्यायमूर्ति के हेमा के नेतृत्व में समिति का गठन किया था।
समिति की रिपोर्ट में सिनेमा जगत में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और शोषण के चौंकाने वाले मामलों का जिक्र किया गया था।
भाषा जोहेब