राजनीति में किसी को ‘रिटायर’ नहीं होना चाहिए: खरगे
हक माधव दिलीप
- 09 Sep 2024, 10:41 PM
- Updated: 10:41 PM
नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि राजनीति में किसी को ‘रिटायर’ नहीं होना चाहिए, क्योंकि जिसे राष्ट्र की सेवा करनी है, उसे आजीवन यह करना होगा और देश को जगाना होगा।
उन्होंने पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के राजनीतिक जीवन पर आधारित पुस्तक "द फाइव डिकेड्स इन पॉलिटिक्स" के विमोचन के अवसर पर यह टिप्पणी की। इस पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई हैं।
खरगे ने शिंदे की आयु और लंबे राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा, "राजनीति में किसी को रिटायर नहीं होना चाहिए। जिसको अपनी विचारधारा पर विश्वास है, जिसे राष्ट्र की सेवा करनी है, उसे आजीवन देश को जगाना होगा।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया की सार्वजनिक जीवन में "विचार, आचार और प्रचार " तीनों जरूरी है।
उन्होंने कहा, "किसी भी पार्टी के लिए उसके विचार, आचार और प्रचार जरूरी हैं, वो तभी आगे बढ़ सकती है। अगर आपके विचार अच्छे हैं, लेकिन उसे आचरण में नहीं लाया गया, तो उसका कोई फायदा नहीं। इसलिए जो भी लोग मेहनत कर आगे आए हैं, उन्हें प्रचार मिलना चाहिए।"
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह काम कम और प्रचार ज्यादा करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आजादी के समय सभी को मताधिकार नहीं मिलता, तो गरीबों और वंचितों का उत्थान संभव नहीं था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "ये बाबासाहेब आंबेडकर जी और पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की देन है। संविधान ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार देकर लोगों का जीवन बदल दिया। इसलिए इसकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।"
उन्होंने कहा, "सुशील कुमार शिंदे जी ने खाकी से लेकर खादी का सफ़र अपने सरल स्वाभाव, कड़ी मेहनत, व हंसमुख व्यवहार से तय किया। "
बाद में खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, "शिंदे जी पर लिखी गई पुस्तक में एक अहम अध्याय उपराष्ट्रपति का चुनाव है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया जी ने शिंदे जी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार, भैरो सिंह शेखावत जी के खिलाफ बनाया था। शिंदे जी के नाम का प्रस्ताव शरद पवार जी ने किया, जो खुद भैरो सिंह शेखावत जी के करीबी मित्रों में थे।"
उन्होंने कहा, "उपराष्ट्रपति चुनाव में शेखावत जी को 454 वोट मिले, तो शिंदेजी को 305 वोट मिले। अब तक हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार के रूप में शिंदे जी को ही सबसे ज्यादा वोट मिले हैं।"
भाषा हक माधव