चिकित्सक की मौत पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर नबान्न तक प्रस्तावित रैली गैरकानूनी : तृणमूल
गोला मनीषा
- 26 Aug 2024, 02:24 PM
- Updated: 02:24 PM
कोलकाता, 26 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल की मंत्री और तृणमूल नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने छात्र समाज नामक एक छात्र संगठन द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित ‘नबान्न अभियान’ रैली को ‘‘गैरकानूनी और कोलकाता में व्यापक पैमाने पर अशांति फैलाने की कोशिश’’ बताया।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर इस रैली का आह्वान किया गया है।
भट्टाचार्य ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि रैली के लिए पुलिस की अनुमति नहीं ली गयी। उन्होंने कहा कि यह राज्य में शांति एवं स्थिरता भंग करने की कुछ तत्वों की साजिश है।
तृणमूल नेता कुनाल घोष और जयप्रकाश मजूमदार के साथ भट्टाचार्य ने कहा कि चिकित्सक के दुष्कर्म-हत्या मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गयी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को राजनीति से प्रेरित बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘छात्र समाज ने सोशल मीडिया पर इस रैली का आह्वान किया है और उसने अपनी योजनाओं के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी है। हम सभी पीड़िता के लिए न्याय और दोषियों के लिए मृत्युदंड चाहते हैं। मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करना राजनीति से प्रेरित है।’’
भट्टाचार्य से सहमति जताते हुए घोष ने सीबीआई कार्यालय के बजाय राज्य सचिवालय नबान्न तक मार्च करने के फैसले पर सवाल उठाया।
घोष ने ऐसे वीडियो दिखाये जिनमें कथित तौर पर दो लोग रैली की सफलता के लिए हिंसा की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने इसका संबंध दक्षिणपंथी समूहों और माकपा समेत कुछ वामपंथियों से होने का दावा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग - ज्यादातर आरएसएस और एबीवीपी जैसी दक्षिणपंथी ताकतों के साथ माकपा समर्थित कुछ वामपंथी - वास्तव में क्या चाहते हैं, यह इन वीडियो से स्पष्ट हो गया है। वे हिंसा चाहते हैं। हमें सूचना मिली है कि रैली के दौरान अशांति पैदा करने के लिए राज्य के बाहर से लोग लाए जा रहे हैं। हमें यह भी पता चला है कि रैली में कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहने हुए होंगे और पुलिस पर जिम्मेदारी थोपने के लिए लोगों पर गोलियां चलाएंगे।’’
इसके जवाब में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य और प्रदेश प्रवक्ता सामिक भट्टाचार्य ने रैली में पार्टी की किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और कहा कि अगर भाजपा का कोई सदस्य रैली में शामिल होता है तो वह निजी रूप से भागीदार बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की इस रैली को आयोजित करने में कोई आधिकारिक भूमिका नहीं है।
माकपा नेता सतरुप बासु ने तृणमूल के दावों की आलोचना करते हुए इन्हें डर और हताशा की अभिव्यक्ति बताया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पहले स्पष्ट किया था कि उसने मार्च का आह्वान नहीं किया है लेकिन उसने लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए अपना समर्थन जताया।
भाषा गोला