बंद के खिलाफ उच्च न्यायालय का आदेश विपक्ष के गाल पर तमाचा, सरकार आदेश को लागू करेगी : शिंदे
राजकुमार अविनाश
- 23 Aug 2024, 07:06 PM
- Updated: 07:06 PM
नासिक, 23 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बदलापुर घटना के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या दल पर महाराष्ट्र बंद बुलाने का आह्वान करने पर रोक लगाने संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को शुक्रवार को विपक्ष के गाल पर ‘तमाचा’ करार दिया और कहा कि सरकार इस निर्देश को लागू करेगी।
शिवसेना (यूबीटी), राकांपा (एसपी) और कांग्रेस के गठबंधन ‘महा विकास आघाडी (एमवीए) ने शनिवार को बंद का आह्वान किया है।
लेकिन बंबई उच्च न्यायालय ने राजनीतिक दलों या व्यक्तियों को महाराष्ट्र बंद का आह्वान करने से रोक दिया है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से बंद को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा है।
शिंदे ने यहां ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ को शुरू करने के मौके पर एक जनसभा में कहा कि बदलापुर घटना ‘मानवता पर धब्बा’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘लाडकी बहन योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातों में 1500 रुपये अंतरित कर हमने जो खुशी लायी, उस पर भी इसका असर पड़ा है। लेकिन विपक्ष इस घटना का राजनीतिकरण कर रहा है और इस योजना को बदनाम कर रहा है।’’
शिंदे ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश ‘विपक्ष के गाल पर एक तमाचा’ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अदालत के निर्देश को लागू करेगी।
बदलापुर में छोटी कक्षाओं की दो बच्चियों का कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलापुर मामले के आरोपी पर कानून के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और सरकार उसे मृत्युदंड देने की मांग करेगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष राजनीति कर रहा है लेकिन सरकार राज्य में बहिन (बहनों/महिलाओं) को सुरक्षित रखने के लिए कटिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को जनता को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने यह कहते हुए शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने के लिए इतने आतुर हैं कि वे ऐसी राजनीति में करने में लग गये हैं।
इस कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी संबोधित किया और बंद का आह्वान करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा।
गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने कहा, ‘‘यह बस राजनीति के लिए है। कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले में आपने ममता बनर्जी सरकार का विरोध नहीं किया। लेकिन यहां आप अपने स्वार्थ के लिए बंद का आह्वान कर रहे हैं।’’
भाषा
राजकुमार