असम में उल्फा (आई) का प्रभाव बहुत ज्यादा है: हिमंत
नोमान सुभाष
- 21 Aug 2024, 09:51 PM
- Updated: 09:51 PM
गुवाहाटी, 21 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य में उल्फा (आई) का प्रभाव “बहुत अधिक है”, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें काफी कमी आई है।
शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “म्यांमा शिविर में अब भी लगभग 400 कैडर हैं, ऐसे में हम इसके प्रभाव से इनकार नहीं कर सकते।”
उन्होंने कहा, “हमने कभी यह दावा नहीं किया कि उल्फा (आई) की मौजूदगी नहीं है, और हम बातचीत में शामिल होने का संगठन के नेतृत्व से लगातार आग्रह करते हैं।”
शर्मा ने स्पष्ट किया कि न तो केंद्रीय गृह मंत्री और न ही मुख्यमंत्री ने कभी यह संकेत दिया है कि राज्य में उल्फा (आई) की कोई मौजदूगी नहीं है, हालांकि इसका प्रभाव “समय के साथ निश्चित रूप से घटा है।”
उन्होंने कहा, “हमने कभी भी आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि उल्फा (आई) का कोई प्रभाव नहीं है।”
शर्मा ने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया जारी है और “मैं उल्फा (आई) प्रमुख परेश बरुआ से बात करता हूं। हालांकि, चुनावों के बाद से मैंने उनसे बात नहीं की है।”
उन्होंने कहा, “मैं बरुआ को फोन नहीं करता लेकिन जब भी वह फोन करते हैं तो मैं उनसे बात करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ता प्रक्रिया में बाधाएं हैं क्योंकि उल्फा (आई) प्रमुख संप्रभुता की बात करते हैं जिस पर “बातचीत नहीं हो सकती है।”
उन्होंने कहा, “चर्चाएं अक्सर होती रहती हैं और हमें उम्मीद है कि एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।”
भविष्य की वार्ता के समय के बारे में शर्मा ने कहा कि यह बरुआ पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “अगर मुझे बताया जाता है कि वह अब बातचीत के लिए तैयार हैं, तो मैं सबकुछ छोड़कर बातचीत के लिए बैठ जाऊंगा।”
शर्मा ने उल्फा के हालिया ईमेल का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया था कि संगठन ने स्वतंत्रता दिवस पर कई स्थानों पर 24 बम रखे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बम नहीं फटे, जिसका मतलब है कि पुलिस हाथ पर हाथ रखे नहीं बैठी थी।
पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 10 ‘बम जैसी वस्तुएं’ बरामद की थी और इस संबंध में 10 मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें से दो मामले एनआईए को सौंपे जाएंगे, जबकि शेष मामलों की जांच राज्य पुलिस करेगी।
शर्मा ने 10 मई 2021 को मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उल्फा (आई) से शांति वार्ता के लिए उसे आगे आने और राज्य में उग्रवाद की समस्या को हल करने की अपील की थी।
भाषा
नोमान