एससी-एसटी आरक्षण को लेकर भारत बंद का झारखंड में मिलाजुला असर
नोमान सुरेश
- 21 Aug 2024, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
रांची, 21 अगस्त (भाषा) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर बुधवार को आहूत एक-दिवसीय भारत बंद का झारखंड में मिलाजुला असर रहा।
बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन की बसें सड़कों से नदारद रहीं और स्कूल भी बंद रहे। एक अधिकारी ने बताया कि हड़ताल के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी पलामू का अपना दौरा रद्द कर दिया है।
एससी-एसटी के आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के पिछले एक अगस्त के फैसले के खिलाफ आज देश भर के 21 संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। संगठनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे आरक्षण के मूल सिद्धांतों को क्षति होगी।
राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल- ने बंद का समर्थन किया है। वामपंथी दलों ने भी बंद का समर्थन किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में गठबंधन के कार्यकर्ता बंद के समर्थन में सड़कों पर भी उतरे।
रांची में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और नाकेबंदी की, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बंद समर्थकों को राज्य की राजधानी में दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद करने के लिए कहते भी देखा गया।
पलामू, गोड्डा, दुमका, गढ़वा, हज़ारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, कोडरमा, देवघर और अन्य जिलों से भी सड़क अवरुद्ध किए जाने की खबरें मिलीं।
आदिवासी जन परिषद के अध्यक्ष प्रेम साही मुंडा ने कहा, “हम शीर्ष अदालत के फैसले का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम संविधान द्वारा प्रदत्त अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं।”
स्कूल बंद रहे, जबकि दफ्तरों में उपस्थिति कम रही, क्योंकि कई लंबी दूरी की सार्वजनिक बसें नहीं चलीं।
खादगढ़ा बस अड्डे पर एक यात्री विनोद रवानी ने कहा, ‘‘मुझे आज जरूरी काम से गिरिडीह जाना है, लेकिन बसें नहीं चल रहीं। मुझे इस घटनाक्रम के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी।’’
अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
इस बीच, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हड़ताल के कारण रांची विश्वविद्यालय में ‘बैचलर ऑफ एजुकेशन’ (बी.एड) की व्यावहारिक परीक्षा स्थगित कर दी गई है।
पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) पी के मिश्रा ने कहा, “रांची में स्थिति शांतिपूर्ण रही और शहर के किसी भी हिस्से से कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं आई। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं कि यातायात प्रभावित न हो।”
हजारीबाग जिले में सब्जी मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं, क्योंकि सड़क अवरोध के कारण बड़कागांव, केरेडारी, इचाक और कटकमसांडी जैसे ग्रामीण इलाकों से सब्जी विक्रेता मुख्यालय नगर नहीं पहुंच सके।
हजारीबाग अनुमंडल पुलिस अधिकारी (मुख्यालय) कुमार शिवाशीष ने कहा कि बंद शांतिपूर्ण रहा और शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
भाषा नोमान