सेना प्रमुख ने पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों को सम्मानित किया
आनन्द नमिता
- 16 Aug 2024, 07:15 PM
- Updated: 07:15 PM
नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने हाल ही में आयोजित पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों को शुक्रवार को सम्मानित करते हुए उम्मीद जतायी कि सेना के एथलीट उत्कृष्टता और अधिक सफलता के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास जारी रखेंगे।
पेरिस खेलों के दौरान भारतीय दल में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 11.11 प्रतिशत (117 में से 13) था। सेना के खिलाड़ियों ने समग्र पदक तालिका में 16.66 प्रतिशत का योगदान दिया। इसमें सेना के सूबेदार मेजर भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का रजत पदक शामिल है।
इस सम्मान समारोह को यहां साउथ ब्लॉक में आयोजित किया गया था और यह उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने में सेना द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने का भी अवसर था।
जनरल द्विवेदी ने पेरिस खेलों में उनकी ‘उल्लेखनीय उपलब्धियों’ के लिए उन्हें सम्मानित किया।
जनरल द्विवेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना के खिलाड़ी उत्कृष्टता की अपनी खोज जारी रखेंगे और आने वाले दिनों में और भी अधिक ऊंचाइयां हासिल करेंगे।
भारतीय सेना ने यहां जारी बयान में कहा, ‘‘ भारतीय दल ने पेरिस ओलंपिक में कुल छह पदक जीते हैं जिसमें एक रजत और पांच कांस्य शामिल था। सेना के सूबेदार मेजर नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए भाला फेंक में एकमात्र रजत पदक जीता। उनका यह अनुकरणीय प्रदर्शन ओलंपिक खेलों में सेना के सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शनों में से एक बन गया है।’’
भारत की 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए बोली लगाने की तैयारी को देखते हुए भारतीय सेना ओलंपिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस बयान में बताया गया कि भारतीय सेना ने 2001 में अपने मिशन ओलंपिक विंग (एमओडब्ल्यू) की स्थापना की थी, जो खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उनका पोषण करने के लिए समर्पित है।
युवाओं को और अधिक सशक्त बनाने और उन्हें वैश्विक उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ाने के लिए, सेना ने दो ‘गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियां’ और 18 ‘बॉयज स्पोर्ट्स कंपनियां’ स्थापित की हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
एथेंस ओलंपिक 2004 में निशानेबाजी में कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने रजत पदक जबकि लंदन ओलंपिक 2012 में सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) विजय कुमार ने रजत पदक जीता था।
हवलदार जैसमिन ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाली सेना की पहली महिला खिलाड़ी है।
इस बयान के मुताबिक एशियाई खेलों 2023 में भी सेना के खिलाड़ियों ने 20 पदक (तीन स्वर्ण, सात रजत और 10 कांस्य) जीते थे।
भाषा आनन्द