बरेली में महिलाओं की सिलसिलेवार हत्याएं, बढ़ते खौफ के बीच पुलिस ने तेज की जांच
सं सलीम राजकुमार जोहेब
- 08 Aug 2024, 08:22 PM
- Updated: 08:22 PM
बरेली (उप्र), आठ अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पिछले करीब एक साल के दौरान एक ही ढंग से महिलाओं की सिलसिलेवार हत्या की घटनाओं से खौफ का माहौल है जबकि पुलिस जांच के दौरान इन घटनाओं का सिरा ढूंढने की कोशिश कर रही है।
जिले के शाही-शीशगढ़ इलाके में नौ महिलाओं की हत्या की गई है। उनके कत्ल के तरीके से पता चलता है कि इन अपराधों के पीछे किसी एक ही व्यक्ति का हाथ है। ऐसे में एक ओर जहां स्थानीय पुलिस इन वारदात का सिरा ढूंढने के लिये जूझ रही है, तो दूसरी ओर बरेली क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राकेश सिंह ने जांच की सीधी निगरानी करते हुए कई कदम उठाए हैं।
घटनाओं पर नजर डालें तो पिछली दो जुलाई को हौजपुर गांव की निवासी अनीता देवी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या ने जुलाई 2023 में शुरू हुए अनसुलझी हत्याओं के सिलसिले में एक नयी कड़ी जोड़ दी। इन सभी हत्याओं का तरीका एक-दूसरे से काफी मिलता-जुलता है।
सिंह ने बुधवार को कहा, ''सभी नौ हत्याओं का तरीका एक जैसा है। स्थानीय पुलिस इन मामलों को सुलझाने में अब तक नाकाम रही है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा जारी नहीं रह सकता।''
इन हत्याओं की समय एक गंभीर तस्वीर पेश करता है। अधिकारियों के अनुसार पिछली 30 जून को आनंदपुर गांव की निवासी प्रेमवती की गन्ने के खेत में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उससे पहले 19 जून को कुलचा गांव की धनवती का शव शाही रोड के पास गन्ने के खेत में मिला था। वहीं, पांच जून को परतापुर गांव की कलावती का शव जंगल से बरामद हुआ था।
इससे पहले, 26 नवंबर 2023 को जगदीशपुर गांव की उर्मिला देवी की उसकी साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पिछले साल ही 20 नवंबर को खरसैनी गांव की दुलारो देवी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई, जबकि 31 अक्टूबर को लखीमपुर गांव की बुजुर्ग महिला महमूदन की गन्ने के खेत में हत्या कर दी गई और 23 अगस्त को सेवा ज्वालापुर गांव की वीरवती की भी गला घोंटकर ही हत्या कर दी गई।
पुलिस के मुताबिक इस तरह की हत्या का पहला मामला 22 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब खजुरिया गांव की कुसुमा की गला घोंटकर हत्या कर दी गयी थी। एक साल बाद, बरेली पुलिस ने चश्मदीद लोगों के बयान के आधार पर संदिग्धों के ‘स्केच’ जारी किए हैं और उनका पता लगाने के लिए प्रयास तेज कर दिये हैं।
पुलिस महानिरीक्षक राकेश सिंह ने कहा, ''हमने मीरगंज और बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारियों को जिम्मेदारी दी है और संदिग्ध के स्केच पूरे इलाके में प्रसारित किए जा रहे हैं। हमें पुलिस क्षेत्राधिकारियों और थानेदारों से दैनिक प्रगति रिपोर्ट मिल रही है।''
हालांकि सिंह ने स्वीकार किया कि इन प्रयासों के बावजूद जांच में बहुत कम प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा, ''स्केच तीन दिन पहले जारी किए गए थे, लेकिन हमें अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला है।''
उन्होंने कहा कि वह जांच की निगरानी के लिए व्यक्तिगत रूप से शाही-शीशगढ़ क्षेत्र का दौरा करने की योजना बना रहे हैं।
इस बीच, महिलाओं की एक ही तरीके से हत्या किये जाने का सिलसिला फिर शुरू होने से जिले में एक 'सीरियल किलर' के बारे में चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गयी हैं।
पुलिस ने पूछताछ के लिए कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (बरेली दक्षिणी क्षेत्र) मानुष पारीक ने कहा, ''हम इस मामले पर अपना प्रयास तेजी से कर रहे हैं।''
भाषा सं सलीम राजकुमार