तेदेपा सांसद ने पूर्वव्यापी कर हटाने की मांग की
सुरेश अविनाश
- 06 Aug 2024, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद लावु श्री कृष्ण देवरायलु ने बजट में पूर्वव्यापी कर का प्रस्ताव वापस लेने की मंगलवार को सरकार से मांग की।
देवरायलु ने लोकसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि इस तरह के पूर्वव्यापी कर के प्रस्ताव को हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से कारोबारी हतोत्साहित होंगे।
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल ‘तेदेपा’ के सांसद देवरायलु ने इस कर से विभिन्न उद्योगों पर होने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख किया तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इसे वापस लेने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘एक शब्द जिसे वित्त मंत्रालय के शब्दकोश से हटा दिया जाना चाहिए, वह है ‘पूर्वव्यापी कर’, जिसके बारे में हम समय-समय पर सुनते रहते हैं।"
‘पूर्वव्यापी कर’ का अर्थ है अतीत में निर्दिष्ट तिथि से संशोधन के माध्यम से अतिरिक्त शुल्क या कर लगाना।
उन्होंने खनिज विकास उद्योग के सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस उद्योग जगत ने कर के बोझ के नीचे काम करने में असमर्थता व्यक्त की है।
देवरायलु ने चावल निर्यातकों की शिकायतों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने अपने व्यवसायों पर पूर्वव्यापी कर के नकारात्मक प्रभाव पर चर्चा के लिए उनसे संपर्क किया है।
उन्होंने कहा, "चावल निर्यातक भी मेरे पास आए हैं और उन्होंने कहा कि यह पूर्वव्यापी कर हम पर लागू किया गया है। यदि आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे व्यवसायों से कुछ पैसे कमाने के लिए ऐसा करते रहेंगे, तो यह व्यवसायों को पनपने नहीं देगा।"
तेदेपा सदस्य ने वर्तमान कर नीतियों के कारण करदाताओं के सामने आने वाली समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त मंत्रालय इन चिंताओं को दूर करेगा।
देवरायलु ने वित्त मंत्रालय द्वारा उठाए गए सकारात्मक कदमों, खासकर कॉरपोरेट कर की दर कम करने की सराहना की।
उन्होंने कहा, "सकल राजस्व में वृद्धि हुई है और मैं कॉरपोरेट कर को 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत करने के लिए वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूं।"
तेदेपा सांसद ने ‘एंजल टैक्स’ की शुरुआत की भी प्रशंसा की, जिसके बारे में उनका मानना है कि इससे स्टार्टअप को लाभ होगा और आने वाले वर्षों में स्टार्टअप पारिस्थितिकी के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा सुरेश