केंद्रीय पर्यावरण मंत्री वायनाड भूस्खलन को लेकर झूठे आरोप लगा रहे हैं : केरल के मुख्यमंत्री विजयन
शफीक सुभाष
- 06 Aug 2024, 10:17 PM
- Updated: 10:17 PM
तिरुवनंतपुरम, छह अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की आलोचना करते हुए उनके उस आरोप को ‘‘झूठा’’ करार दिया, जिसमें वायनाड में भूस्खलन के लिए राज्य की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया था।
विजयन ने केंद्रीय मंत्री पर, एक दिन पहले दिए गए बयानों के जरिए भूस्खलन में मारे गए लोगों को ‘‘अपमानित’’ करने का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यादव की टिप्पणी कुछ लोगों द्वारा ‘‘संकीर्ण स्वार्थों के लिए’’ आपदा का फायदा उठाने का उदाहरण है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा था कि केरल सरकार ने राज्य के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र में अवैध मानव बस्तियों के विस्तार और खनन गतिविधियों की अनुमति दी, जिसके चलते वायनाड जिले में विनाशकारी भूस्खलन हुए।
केंद्र और राज्य के बीच ताजा विवाद वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में चल रहे तलाश अभियान के बीच शुरू हुआ है, जहां सशस्त्र बलों के एक हजार से अधिक बचाव कर्मियों को भारी मशीनरी, ड्रोन और वायु सेना के हेलीकॉप्टर के साथ, जीवित बचे लोगों की तलाश और शवों को बरामद करने के लिए तैनात किया गया है।
यादव ऐसे दूसरे केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्होंने जिले के पारिस्थितिक रूप से संवदेनशील क्षेत्र में आई आपदा के लिए राज्य को जिम्मेदार ठहराया है।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार भारी बारिश के कारण वायनाड में संभावित प्राकृतिक आपदा की केंद्र की पूर्व चेतावनी पर कार्रवाई करने में विफल रही। इस पर विजयन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए शाह के दावों को निराधार करार दिया था।
यादव के बयान की आलोचना करते हुए विजयन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केरल के पहाड़ी क्षेत्र के बारे में थोड़ी सी भी जानकारी और समझ रखने वाला कोई भी व्यक्ति वहां रह रहे लोगों को अवैध प्रवासी नहीं कहेगा।
उन्होंने कहा कि यादव के बयान उन खबरों को सही साबित करते हैं, जिनमें दावा किया गया है कि पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) और केंद्र सरकार केरल सरकार के खिलाफ वैज्ञानिकों समेत लोगों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।
विजयन ने कहा, ‘‘केरल अभी भी उस प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न मनोवैज्ञानिक आघात से उबर नहीं पाया है, जिसने अनेक लोगों की जान ले ली, अनेक लोगों को अनिश्चितता में धकेल दिया तथा पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया... हम ऐसे दौर में हैं, जिसमें गहन चिंतन और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह अफसोस की बात है कि कुछ लोग इस स्थिति का फायदा संकीर्ण स्वार्थों के लिए उठा रहे हैं। यह और भी निंदनीय है जब लोगों को वास्तविकता से अवगत कराने का काम करने वाले लोग ही इसमें शामिल हों। दुर्भाग्य से, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का हालिया बयान इसका एक उदाहरण है।’’
भाषा शफीक