रास में तृणमूल ने सरकार पर सपने दिखाने का आरोप लगाया, शिवसेना ने कहा कि भारत ने उपलब्धियां हासिल कीं
मनीषा अविनाश
- 05 Aug 2024, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सरकार पर केवल सपने दिखाने और हकीकत की चुनौतियों से दूर भागने का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस सदस्य सागरिका घोष ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि भारत 2030 तक सौर ऊर्जा से 500 गीगावाट ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगा। वहीं शिवसेना सदस्य मिलिंद देवरा ने कहा कि सरकार के अभिनव प्रयासों के कारण ही आज भारत नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता में विश्व स्तर पर चौथे स्थान पर है।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के कामकाज पर राज्यसभा में चर्चा को आगे बढ़ाते हुए तृणमूल सदस्य सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि सरकार सपनों के सौदागर का खेल करती है और सपने दिखाती है लेकिन सपनों और हकीकत में बहुत अंतर है।
उन्होंने कहा कि ग्लासगो में 2021 में हुए संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) में भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट स्थापित क्षमता का तथा स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से 50 प्रतिशत संचयी विद्युत स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा था। ‘‘लेकिन अब तक क्या उपलब्धि हासिल हुई है? हमें तो भूल ही जाना चाहिए कि हम यह लक्ष्य हासिल कर पाएंगे।’’
घोष ने पेरिस ओलंपिक 2024 की 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतिस्पर्धा और 10 मीटर मिक्सड डबल्स में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय निशानेबाज मनु भाकर का उदाहरण देते हुए कहा कि मनु भाकर ने जहां ओलंपिक में लक्ष्य पर निशाना साधा वहीं सरकार हमेशा लक्ष्य से चूक रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बिजली प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में सरकार ने 100 गीगावाट सौर ऊर्जा और 60 गीगावाट की पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता हासिल की। 2023 में 81.6 गीगावाट सौर ऊर्जा और 45.8 गीगावाट पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता हासिल की गई। घोष ने कहा ‘‘ये आंकड़े बताते हैं कि 2030 का लक्ष्य भूल जाना चाहिए।’’
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रहा है और उसने देश का पहला सोलर हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ‘वेस्ट बंगाल रवि रश्मि हाउसिंग कॉम्प्लेक्स’ स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूबीआरईडीए ने कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में देश का पहला सोलर हाउसिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इस परियोजना में 25 घरों का निर्माण शामिल है, जिनमें से प्रत्येक घर में 2.1 किलोवाट क्षमता की बिल्डिंग फोटोवोल्टिक्स (बीआईपीवी) लगाई गई है।
बिल्डिंग-एकीकृत फोटोवोल्टिक्स दोहरे उद्देश्य वाली निर्माण सामग्री है जो स्वच्छ बिजली का उत्पादन करने के लिए फोटोवोल्टिक प्रभाव का उपयोग करती है और संरचना की बाहरी जलवायु स्क्रीन के रूप में भी काम करती हैं।
घोष ने कहा कि केंद्र सरकार के बड़े बड़े दावों के विपरीत, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक कुल बिजली उत्पादन का 6.69 फीसदी ही सौर ऊर्जा से हासिल हो पाया। और पवन ऊर्जा में यह उपलब्धि मात्र 4.71 फीसदी रही।
उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा के सभी आंकड़ों को मिला दिया जाए तो यह आंकड़ा कुल बिजली उत्पादन का मात्र 13 फीसदी होता है। उन्होंने कहा ‘‘केंद्र सरकार केवल सपना दिखाती है और बंगाल सरकार हकीकत में काम करती है।’’
शिवसेना के मिलिंद देवरा ने कहा ‘‘यह मंत्रालय आने वाले समय में हमारे देश का भविष्य तय करेगा। हमें देखना होगा कि इस मंत्रालय को नवीकरणीय मंत्रालय क्यों कहा जाता है।’’
उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में 19 हजार करोड़ रुपये इस मंत्रालय को आवंटित किए गए जो पिछले साल के आवंटन की तुलना में दोगुना हैं और ‘इनमें से 8500 करोड़ रुपये केवल सौर ऊर्जा के लिए हैं।
उन्होंने कहा ‘‘प्रधानमंत्री की रुफटॉप सोलर परियोजना बहुत ही शानदार है। कल ही महाराष्ट्र की महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी (एमएसईडीसी) ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि पांच महीने पहले शुरू की गई इस योजना में महाराष्ट्र ने उल्लेखनीय काम किया और 100 मेगावाट सौर ऊर्जा के लक्ष्य को पार कर लिया है।’’
देवरा ने कहा ‘‘भारत की स्थापित गैर जीवाश्म ईंधन क्षमता बीते साढ़े आठ साल में 400 फीसदी तक बढ़ी है और 203 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। यह बड़ी उपलब्धि है। स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता दस साल में 28 फीसदी बढ़ी।’’
उन्होंने कहा कि पवन ऊर्जा की 2014 में स्थापित कुल क्षमता 21000 मेगावाट थी जो 2024 में 47000 मेगावाट हो गई। सौर ऊर्जा की स्थापित कुल क्षमता 2014 में 2821 मेगावाट थी जो 2024 में बढ़ कर 83000 मेगावाट हो गई। इसी तरह कचरे से बिजली उत्पादन क्षमता 2014 में 140 मेगावाट थी जो 2024 में 343 मेगावाट हो गई।
देवरा ने कहा कि नवीकरणीय 2024 वैश्विक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार भारत नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता (बड़ी हाइड्रो सहित) में विश्व स्तर पर चौथे स्थान पर है, पवन ऊर्जा क्षमता में चौथे स्थान पर है और सौर ऊर्जा क्षमता में पांचवें स्थान पर है ।
उन्होंने कहा कि वह इतने बेहतर काम के लिए सरकार को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में छोटे ‘मॉड्यूलर’ रिएक्टर के विकास का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा भी अहम है ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा सके।
भाषा
मनीषा