हिमाचल प्रदेश : बादल फटने की घटनाओं में मृतक संख्या 13 हुई
राजकुमार शफीक
- 04 Aug 2024, 11:10 PM
- Updated: 11:10 PM
(तस्वीरों के साथ)
शिमला, चार अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मंडी और शिमला जिलों से चार शव मिलने के साथ ही राज्य के तीन जिलों में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
इकत्तीस जुलाई की रात में कुल्लू के निरमंड, सैंज व मलाणा, मंडी जिले के पधर और शिमला के रामपुर उपखंड में बादल फटने की कई घटनाओं ने भारी तबाही मचायी थी। इन घटनाओं के बाद अब भी 40 से अधिक लोग लापता हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मंडी जिले में पधर के राजभान गांव से सोनम (23) और मानवी (तीन माह) के शव बरामद किये गये हैं।
बाद में शाम को रामपुर में सतलुज नदी के तट पर धकोली के समीप दो शव बरामद किये गये। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अभी इन दोनों शवों की शिनाख्त नहीं की जा सकी है।
अधिकारियों के अनुसार, बचावकर्मियों ने और मशीनों, खोजी कुत्तों, ड्रोन एवं अन्य उपकरणों को लगाया तथा तलाश अभियान को तेज कर दिया है।
बचाव अभियान के जारी रहने के बीच स्थानीय लोगों ने दावा किया कि शिमला और कुल्लू की सीमा पर स्थित तीन गांवों समेज, धारा शारदा और कुशवा में इस त्रासदी के बाद से बिजली नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), पुलिस और होमगार्ड के 410 कर्मी इस बचाव/खोज अभियान में शामिल हैं।
चार और जेसीबी मशीनें लगायी गयी हैं तथा बचाव अभियान जोर-शोर से चल रहा है।
उपप्रधान (सरपारा) सी एल नेगी ने बताया कि पानी का प्रवाह घट गया है जिसके बाद अब मशीनें मौके पर लाई गयी हैं एवं लापता लोगों के मिल जाने की संभावना है।
रामपुर उपखंड में सरपारा ग्राम पंचायत के सामेज गांव में 30 से अधिक लोग लापता हैं।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने आज समेज गांव का दौरा किया एवं प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
राज्य सरकार ने शुक्रवार को पीड़ितों के लिए 50,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की थी और कहा था कि उन्हें अगले तीन महीनों के लिए किराए के लिए 5,000 रुपये मासिक दिए जाएंगे, साथ ही गैस, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी दी जाएंगी।
सत्ताईस जून को मानसून के आगमन से लेकर तीन अगस्त तक हिमाचल प्रदेश को 662 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र के अनुसार, बारिश से संबंधित घटनाओं में 79 लोगों की जान जा चुकी है।
भाषा राजकुमार