तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल के जेल मंत्री अखिल गिरि को इस्तीफा देने को कहा
सुभाष देवेंद्र
- 04 Aug 2024, 09:33 PM
- Updated: 09:33 PM
कोलकाता, चार अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को पश्चिम बंगाल के जेल मंत्री अखिल गिरि को इस्तीफा देने और राज्य के वन विभाग की एक महिला अधिकारी से माफी मांगने को कहा।
राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो क्लिप के सामने आने पर विवाद पैदा होने के बाद मंत्री को यह निर्देश दिया। वीडियो में गिरि को महिला अधिकारी को धमकी देते और अपशब्द कहते देखा जा सकता है।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांठी में संवाददाताओं से बात करते हुए गिरि ने कहा कि वह इस्तीफा दे देंगे, लेकिन माफी नहीं मांगेंगे।
गिरि रामनगर से विधायक हैं। उन्हें वीडियो में वन अधिकारी (फॉरेस्ट रेंजर) मनीषा साहू को धमकाते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने साहू को धमकाते हुए कहा कि ताजपुर समुद्र तट के पास वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण हटाये जाने के बाद उनका कार्यकाल घटा दिया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता शांतनु सेन ने कहा, ‘‘पार्टी के निर्देश के बाद, प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने रविवार दोपहर अखिल गिरि को फोन किया और उन्हें महिला अधिकारी से माफी मांगने और तुरंत अपना इस्तीफा देने का निर्देश दिया।’’
गिरि ने कहा कि ‘‘किसी अधिकारी से माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता’’, लेकिन उन्होंने शनिवार को आवेश में आकर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर खेद जताया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज (रविवार) रात अपना इस्तीफा ईमेल कर दूंगा और कल विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसे व्यक्तिगत रूप से सौंपूगा।’’
तृणमूल के एक और प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी अपने सदस्यों के इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगी और उन्होंने स्वीकार किया कि गिरि के इस बयान से पार्टी की छवि कुछ हद तक धूमिल हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है।’’
गिरि ने कहा कि वह मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी विधायक बने रहेंगे और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए काम करेंगे।
उन्होंने वन अधिकारियों की उनके द्वारा की गई आलोचना दोहराते हुए दावा किया कि तटीय शहर के निकट पर्यटकों को वस्तुएं बेचने वाले छोटे कारोबारियों को हटाने में उन्होंने दया नहीं दिखाई। यह शहर लोकप्रिय समुद्र तटीय शहर दीघा के निकट है।
गिरि ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पैसों के एवज में पूर्व में दुकानें लगाने की अनुमति दी थी।
वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने कहा कि उन्होंने घटना के बाद साहू से फोन पर बात की।
संयोग से, दो साल पहले 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में गिरि की विवादास्पद टिप्पणी की कड़ी आलोचना की गई थी। विपक्ष के भारी हंगामे के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को गिरि की ‘‘अपमानजनक टिप्पणी’’ के लिए माफी मांगनी पड़ी थी।
तृणमूल के प्रवक्ता मजूमदार ने दलील दी कि विशेष रूप से भाजपा सहित विपक्षी दलों को वन अधिकारी से जुड़े मुद्दे की आलोचना नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पार्टी के आरोपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने दावा किया कि तृणमूल इस तरह के बर्ताव के लिए अपने सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है।
भाजपा ने एक महिला अधिकारी के प्रति गिरि के रवैये की आलोचना करते हुए शनिवार को यह मांग की थी कि मंत्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।
भाजपा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘क्या ममता बनर्जी इस मंत्री को बर्खास्त कर जेल में डालने की हिम्मत करेंगी? क्या उनके खिलाफ सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप दर्ज किए जाएंगे? देखते हैं कि एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने को लेकर उन्हें जेल में डाला जाता है या नहीं।’’
भाषा सुभाष