धार्मिक आयोजन में दीवार ढहने से हुआ दर्दनाक हादसा
शुभम रंजन
- 04 Aug 2024, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
सागर, चार अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर में रविवार को बारिश के मौसम में मिट्टी से 'पार्थिव शिवलिंग' बनाने में व्यस्त करीब 15 बच्चों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि एक ऐसा दर्दनाक हादसा होगा जो उनके नौ दोस्तों को हमेशा के लिए उनसे छीन लेगा।
यहां सुबह 8:30 से नौ बजे के बीच एक मंदिर के पास एक जर्जर मकान की दीवार गिरने से 10-15 आयु वर्ग के नौ बच्चों की मौत हो गई और दो घायल हो गए।
शाहपुर कस्बे के निवासियों की हरदोई मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय 'पार्थिव शिवलिंग निर्माण' कार्यक्रम से मिलने वाली खुशियां फीकी पड़ गईं। यह कार्यक्रम 'सावन' महीने का मुख्य कार्यक्रम है।
धार्मिक कार्यक्रम के आयोजकों में से एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "मैं शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद लौट रहा था तभी एक दीवार गिर गई, जिससे एक तंबू के नीचे मिट्टी के शिवलिंग बना रहे कई बच्चे फंस गए। मैं स्तब्ध रह गया और समझ नहीं पाया कि क्या हो रहा है। जिस कलश में मैंने अर्पण के लिए जल लिया था वह मेरे हाथ से गिर गया। मैं चिल्लाया और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।"
स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माता-पिता ने रोते हुए बताया कि उनकी भतीजी के हाथ पर लगे घाव पर पट्टी बांधने वाला कोई नहीं है और यहां सुविधाओं की कमी है।
माता-पिता ने दावा किया, "घायल बच्चों की देखभाल करने वाला अस्पताल में कोई नहीं है। चिकित्सक महीनों तक यहां नहीं आते और अगर आते भी हैं तो सुबह 11 बजे आते हैं और दोपहर तीन बजे तक चले जाते हैं। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को एक ही चिकित्सक चलाता है।"
एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति यह दावा करता दिखाई दे रहा है कि यदि चिकित्सक मौजूद होते तो कुछ बच्चे जीवित बच गए होते।
स्थानीय भाजपा विधायक और पूर्व राज्य मंत्री गोपाल भार्गव ने संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में कुछ एकल संतान वाले परिवारों से थे जिससे इस घटना से क्षेत्र और वहां के निवासियों को हुई पीड़ा की तीव्रता का पता चलता है।
जिलाधिकारी दीपक आर्य ने बताया कि दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य की अस्पताल ले जाते समय या वहां पहुंचते समय मौत हो गई।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान ध्रुव यादव (12), नितेश पटेल (13), आशुतोष प्रजापति (15), प्रिंस साहू (12), पर्व विश्वकर्मा (10), दिव्यांश साहू (12), देव साहू (12), वंश लोधी (10) और हेमंत (10) के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
भाषा शुभम