जावर के युवाओं की रोजगार समस्या का समाधान मध्यस्थता के जरिये होगा: मंत्री
पृथ्वी कुंज खारी
- 02 Aug 2024, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
जयपुर, दो अगस्त (भाषा) राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को कहा कि जावर ग्राम पंचायत के खनन प्रभावित क्षेत्र के युवाओं की रोजगार समस्या का समाधान मध्यस्थता के जरिए करने का प्रयास किया जाएगा।
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने विधानसभा में शून्यकाल में यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा, ‘‘उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की जावर ग्राम पंचायत के खनन प्रभावित क्षेत्र के युवाओं की रोजगार समस्या का खान विभाग द्वारा मध्यस्थता कर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।’’
मंत्री, उदयपुर ग्रामीण से विधायक फूल सिंह मीणा द्वारा इस संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाये गए मामले का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया, ‘‘हिन्दुस्तान जिंक की खदान वर्ष 2030 तक वैध है। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतें खनन क्षेत्र में आती हैं। कंपनी को 3620 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई, जिसमें से 1538 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की थी।’’
खींवसर ने बताया कि गांव के लोगों की सहमति से ‘डायवर्सन’ कर यह जमीन दी गई थी तथा इसे लेकर कंपनी और ग्रामीणों के बीच रोजगार को लेकर समझौता हुआ था।
खींवसर ने बताया कि समझौते के अनुरूप हिन्दुस्तान जिंक ने ‘वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर’ विकसित किया है, जिसमें प्रशिक्षण के बाद क्षेत्र के युवाओं को कंपनी में रोजगार उपलब्ध करवाया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना के दौरान वर्ष 2020 में क्षेत्र के 2500 लोग वहां काम कर रहे थे। जबकि, वर्तमान में क्षेत्र के 2700 लोगों को वहां रोजगार मिल रहा है। इस प्रकार, कोरोना के बाद रोजगार में महज 200 की संख्या का ही इजाफा हुआ है।’’
मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह पहले गांव के लोगों ने खनन गतिविधि को रोकते हुए अधिक रोजगार दिए जाने की मांग की और इस दौरान करीब एक सप्ताह तक धरना दिया गया। इसके बाद हिन्दुस्तान जिंक की याचिका पर उच्च न्यायालय ने धरना हटाने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया, जिसके बाद 31 जुलाई को धरना हटा दिया गया।
खींवसर ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक द्वारा समझौते में यह आश्वासन नहीं दिया गया था कि कितने लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस संबंध में कोई विधि मान्य दस्तावेज होगा तो उसे अदालत में प्रस्तुत कर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, विभाग द्वारा प्रयास किया जाएगा कि मध्यस्थता के जरिये हिन्दुस्तान जिंक से सहमति बनाकर अधिक लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाए।’’
भाषा पृथ्वी कुंज