नीट अभ्यर्थियों ने बजट को निराशाजनक बताया
देवेंद्र नेत्रपाल
- 24 Jul 2024, 07:09 PM
- Updated: 07:09 PM
कोटा, 24 जुलाई (भाषा) राजस्थान के ‘कोचिंग हब’ कोटा में नीट अभ्यर्थियों ने बजट को ‘‘निराशाजनक’’ करार देते हुए कहा कि कोचिंग शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी में राहत की कोई घोषणा नहीं की गई है जबकि उनकी मांग थी कि शिक्षा ऋण ब्याज मुक्त होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर की नीट अभ्यर्थी वैष्णवी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘शिक्षा एक अधिकार है, इस पर कोई कर नहीं होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोचिंग शुल्क पर जीएसटी कम कर दिया जाता तो इससे हमारे अभिभावकों पर वित्तीय दबाव कम हो सकता था, लेकिन यह निराशाजनक है कि ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2024-25 पेश किया।
वैष्णवी ने हालांकि शिक्षा ऋण पर ब्याज दरों में कमी की सराहना करते हुए कहा कि इससे गरीब आर्थिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा पर ब्याज दर में तीन प्रतिशत की कटौती उन विद्यार्थियों के लिए मददगार होगी, जो अधिक शुल्क का भुगतान नहीं कर सकते।’’
राजस्थान के जोधपुर से एक अन्य नीट अभ्यर्थी महेंद्र सोलंकी ने भी शिक्षा के लिए बजट में कम आवंटन और कोचिंग शुल्क पर जारी जीएसटी पर असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने वैष्णवी की भावनाओं को दोहराते हुए कहा कि ‘‘शिक्षा एक अधिकार है और शिक्षा ऋण ब्याज मुक्त होना चाहिए।’’
छात्रों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि निष्पक्ष और घोटाला मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा एजेंसियों को मजबूत करने के लिए बजट में कुछ धनराशि आवंटित की जाएगी, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ।
वहीं, एक निजी कंपनी में कार्यरत एवं कोचिंग छात्र के पिता सुशील कुमार ने बजट को ‘‘बहुत अधिक संतोषजनक नहीं’’ बताया।
कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पेश किए गए बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके बारे में हम कह सकें कि यह बहुत संतोषजनक है। यहां तक कि टैक्स स्लैब में छूट से भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला है। बजट में मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कोई राहत नहीं है।’’
बूंदी के शल्य चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण लाल गुर्जर ने कैंसर रोगियों के लिए चिकित्सा दवाओं और एक्स-रे मशीनों की कीमतों में कमी तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा ऋण की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किए जाने की सराहना की।
उन्होंने हालांकि 10 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करने और अस्पतालों में उन्नत चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए राहत देने की मांग की।
भाषा
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