मोदी सरकार के प्रयासों से पेरिस ओलम्पिक में 10 से अधिक स्वर्ण पदक आने की उम्मीद: भाजपा सांसद
सुरेश सुरेश वैभव
- 22 Jul 2024, 05:18 PM
- Updated: 05:18 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ‘खेलो इंडिया’ सहित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिये पूरे देश में खेल का वातावरण तैयार किया है, जिसके परिणामस्वरूप इस बार पहले की तुलना में अधिक ओलम्पिक स्वर्ण पदक भारत की झोली में आने की उम्मीद है।
भाजपा के डॉ. संजय जायसवाल ने सदन में नियम 193 के तहत ‘आगामी ओलम्पिक के लिए भारत की तैयारी’ विषय पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने ‘खेलो इंडिया’ के लिए 1045 करोड़ रुपये दिये हैं, जो पिछली सरकार के खेल का संपूर्ण बजट भी नहीं हुआ करता था।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों का नतीजा ही है कि खेल जगत में भारतीय खिलाड़ी पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और ऐसी उम्मीद की जा रही है कि पहली बार ओलम्पिक में देश 10 से अधिक स्वर्ण पदक का आंकड़ा पार करेगा और भारतीय ओलम्पिक खिलाड़ी नया इतिहस बना सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल पेरिस ओलम्पिक के नजरिये से ही तैयारियों को अंजाम नहीं दिया है, बल्कि 16 साल बाद होने वाले ओलम्पिक खेलों के मद्देनजर भी तैयारियां की जा रही हैं।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि भारत 2036 के ओलम्पिक की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और इस मेजबानी की वजह से पूरे देश में खेल का वातावरण तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिये ऐसे प्रयास कर रही है कि देश के खिलाड़ी अधिक से अधिक पदक जीत सकें और इसके लिए सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया है।
भाजपा सदस्य ने कहा कि ओलंपिक पदक एक-दो माह के प्रयास से नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए काफी पहले से प्रयास करने होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 16 र्स्पधाओं में तैयारियों को लेकर 470 करोड़ रुपये खर्च किये हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को यूरोप भेजकर लगातार तैयारियां कराई जाती रही है, ताकि वे (खिलाड़ी) वहां के माहौल में ढल सकें और इसके लिए सरकार खर्च करती है।
जायसवाल ने कहा कि ओलम्पिक पदक हासिल करने के लिए खिलाड़ियों की केवल मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें विभिन्न प्रकार की सहायता और मदद की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
भाषा सुरेश सुरेश